
डीएमएफ के धन से नही बना जाबर व नगवा बघाडू संपर्क मार्ग
खनन साइटों के शुरू होने का क्षेत्र को नही मिला एक भी लाभ
दुद्धी,सोनभद्र – खनन नीति के तहत अक्टूबर से बालू का खनन पीपरडीह, कोरगी व नगवा साइट से शुरू हो जाएगा । लेकिन खनन शुरू होने से पहले इन गांवों की सड़कें अब भी खस्ताहाल पड़ी हैं। पिछले साल इन गांवों में खनन निधि से कोई विकास कार्य नही हुए।न ही इन गाँवो के लोगो को रोजगार मिला।उक्त बातें भाजपा नेता डीसीएफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि ने इन गाँवो की दशा देखकर कही।उन्होंने कहा कि चाहे सरकार किसी की हो ,खनन निधि से कोई विकास कार्य नही हुए ।कोरगी ,पीपरडीह साइट से प्रभावित होने वाले गाँव मे हीराचक, डुमरा, जाबर,शाहपुर पीपरडीह व दुद्धी नगर पंचायत प्रभावित होता है। जबकि नगवा बालू साइट से नगवा,बघाडू ,दीघुल ,खजुरी व दुद्धी नगर पंचायत प्रभावित होता हैं।इन गाँवो में कोई विकास कार्य डीएमएफ के मद से नही हुए, जो इस क्षेत्र की जनता व यहाँ के जनप्रतिनिधियों के लिए भी चिन्तनीय है। जिलाधिकारी व खान अधिकारी कभी इन गाँवो में आकर यहाँ के लोगो से उनकी समस्या भी नही सुनते।यहां के लोगों का जीवन स्तर व विकास जस का तस पड़ा,21वीं सदी के विकसित भारत को मुंह चिढ़ा रहा है। यहाँ की सड़कें जिस अवस्था में थी उससे भी बुरी और जर्जर स्थिति में हो गई है । खनन साइट शुरू करने का क्या फायदा स्थानीय जनों को मिला।न तो क्षेत्रीयजनों को बालू खरीदने में कोई रियायत मिली और न ही विकास के कोई अन्य कार्य शुरू हुए।बदले में मिली गड्ढायुक्त सड़कें। जिस पर चलने वाले लोगों को भी बहुत कष्ट से गुजरना पड़ता हैं।श्री अग्रहरि ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा है कि इन प्रभावित गाँवो में विकास कार्य करवाए जाए और यहाँ के लोगो को रोजगार भी मिले ।



