
वाराणसी। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व चंदौली इलाके में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। इस मामले में मिट्ठू नामक हाथी और उसके महावत के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। दोनों को पकड़ पुलिस ले गई तो महावत जेल चला गया जबकि हाथी वन अधिकारियों के हवाले हो गया। कुछ दिन बाद में महावत को तो जमानत मिल गई लेकिन मिट्ठू हाथी आज भी कैद की बेड़ियों में जकड़ा पड़ा है।
इस बात की जानकारी जब सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस कमिश्नर वाराणसी ए सतीश गणेश को हुई तो उन्होंने इस बाव त प्रयास शुरू किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में नेशनल जू अथॉरिटी दिल्ली के डायरेक्टर रमेश पांडेय से बातचीत हुई है । शीघ्र ही उस हाथी को रिहा कर दुधवा नेशनल पार्क में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपना प्राकृतिक जीवन पूरा कर सकें। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ साल से मिट्ठू हाथी वन विभाग के बाड़े में पड़ा हुआ है। अब उसकी रिहाई के दिन शीघ्र आने वाले हैं ।कोरोना काल समाप्त होते ही उसे रिहा कर दिया जाएगा।



