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“भारतीय महिला टीम बनी विश्वविजेता – शेफाली और दीप्ति का जलवा, भारत ने रचा इतिहास

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने नवी मुंबई में खेले गए एकदिवसीय विश्वकप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया। शेफाली वर्मा ने 87 रन और दो विकेट, जबकि दीप्ति शर्मा ने 58 रन और पांच विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और तमाम हस्तियों ने टीम को बधाई दी। देशभर में जश्न का माहौल रहा। यह जीत महिला शक्ति और भारतीय क्रिकेट की नई ऊंचाई का प्रतीक बनी।

  • नवी मुंबई में खेले गए रोमांचक फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराया। प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरे देश ने दी बधाई।

नवी मुंबई,। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को इतिहास रच दिया। शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार एकदिवसीय महिला विश्वकप का खिताब अपने नाम किया। पूरे देश में जश्न का माहौल है और प्रधानमंत्री समेत सभी नेताओं, खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने भारतीय टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है।

मैच का रोमांच

नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 298 रन बनाए। टीम की शुरुआत मजबूत रही। शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ अंदाज में 87 रन की पारी खेली जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 47 रनों का योगदान दिया, जबकि दीप्ति शर्मा ने शानदार 58 रन जोड़कर स्कोर को प्रतिस्पर्धी बनाया।

जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रनों पर सिमट गई। दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए 5 विकेट झटके और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनीं। शेफाली ने भी दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान लॉरा वुलफार्ट ने 101 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालते हुए मैच को अपने नियंत्रण में रखा।

मैच के निर्णायक पल

51 रनों की शुरुआती साझेदारी के बाद दक्षिण अफ्रीका के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। जब टीम संकट में थी, तब वुलफार्ट और एनरी डर्कसन ने 61 रनों की साझेदारी कर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन दीप्ति ने 40वें ओवर में डर्कसन को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ दी। अगले ही ओवर में उन्होंने वुलफार्ट को आउट कर भारत को निर्णायक बढ़त दिलाई। 46वें ओवर में एन डी क्लर्क को आउट कर दीप्ति ने भारत को विश्वविजेता बना दिया।

बधाईयों की बौछार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा, “यह जीत असाधारण टीमवर्क, दृढ़ निश्चय और देश के हर खिलाड़ी के समर्पण का प्रतीक है। हमारी बेटियों ने भारत को गर्व महसूस कराया है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक क्षण है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ट्वीट कर कहा, “महिला खिलाड़ियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनका संघर्ष, मेहनत और जज्बा भारतीय खेल इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी, गृहमंत्री अमित शाह, खेल मंत्री अनुराग ठाकुर सहित कई राजनीतिक और खेल हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर टीम को बधाई दी।

देशभर में जश्न

दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, जयपुर, पटना से लेकर छोटे कस्बों तक क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए। ढोल-नगाड़ों के बीच लोगों ने मिठाइयाँ बाँटी और तिरंगा लहराया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हो नारी शक्ति’ के नारों से वातावरण गुंजा दिया।

गौरवशाली क्षण

यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई है। शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि भारतीय महिला टीम अब विश्व क्रिकेट में किसी भी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखती है। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, “हमारा सपना पूरा हुआ। यह सिर्फ हमारी नहीं, हर भारतीय महिला की जीत है।”

भारत की इस जीत ने न केवल क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा, बल्कि करोड़ों भारतीयों को गर्व का नया कारण भी दिया है।

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