वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार देश के विकास के लिए ऐसी योजनाएं लेकर आयी है जिससे भविष्य में भारत विश्व मे सबसे मजबूत आर्थिक शक्ति के तौर पर स्थापित होने की क्षमता हासिल करेगा।लोकसभा में गुरुवार को केंद्रीय बजट 2022-23 के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए श्री गोयल ने कहा कि सरकार भारत के उद्योग जगत को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए दूरगामी योजनाएं तैयार की गयी हैं। छोटे समय के लाभ के लिए भविष्य में नुकसान हो जाये ऐसी नीति सरकार की नहीं है। आधारभूत संरचना में सुधार करके अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार का उद्देश्य है।
श्री गोयल ने कहा कि आज पूरी दुनिया निवेश के लिए भारत की ओर देख रही है । भारत में पिछले पांच वर्षों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सबसे ज़्यादा हुआ है। कोरोना काल मे भी देश मे विदेशी मुद्रा की कोई कमी नहीं हुई।उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी परिस्थितियां तैयार कर रही है जिससे निवेश भी आये, उद्योग भी पनपें और युवा उद्यमी तैयार हो जो रोज़गार सृजन करने वाले बने ना कि रोज़गार ढूंढने वाले।उन्होंने कहा कि पहले भारत मे व्यापार करने के लिए निवेशकों में आत्मविश्वास नहीं था। निर्यातक और उद्यमियों के मन कई तरह की शंकाएं होती थीं। लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सूचकांक में भारत पहले 140 नंबर पर था और अब 60 वें नंबर पर आ गया है।वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि आज भारत 30 लाख करोड़ का निर्यात करने वाला देश है जो आगे और भी बड़ा निर्यातक होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना देश की आर्थिक तरक्की का मास्टर प्लान है। इसके तहत 100 लाख करोड़ की परियोजनाओं पर काम हो रहा है जिससे देश भर में आधारभूत बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करके अर्थव्यवस्था के विकास का मार्ग तैयार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के विकास की हर योजना का लाभ सबको मिले यही सरकार की प्रतिबद्धता है। देश के संतुलित विकास और उद्योग जगत की नींव को मजबूत करने पर सरकार का जोर है।उन्होंने कहा कि बड़े उद्योग और लघु सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (एमएसएमई ) एक दूसरे की जरूरतों की पूर्ति करके साथ साथ आगे बढ़े यही सरकार की सोच है।उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने और ऑनलाइन कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार ने भी ई-मार्केटप्लेस की शुरुआत की और जीईएम (जेम) नामक पोर्टल बनवाया है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस पोर्टल के साथ जुड़कर व्यापार कर सके।
कारोबारी इसमें खास दिलचस्पी ले रहे हैं और एक वर्ष में ही विभिन्न सरकारी एजेंसियों के माध्यम से एक लाख करोड़ तक का ऑनलाइन कारोबार हो चुका है।श्री गोयल ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया की कल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह वर्ष पहले की और आज भारत के युवा नए नए आईडिया लाकर स्टार्टअप में सफलता हासिल कर रहे हैं। भारत दुनिया मे स्टार्टअप क्षेत्र में तीसरे नंबर पर है। 7500 करोड़ के मूल्यांकन वाले 90 यूनिकॉर्न स्टार्टअप भारत मे हैं जिसमे 40 कोरोना काल के दौरान बने।उन्होंने कहा ,“ इलेक्ट्रॉनिक उद्योग जैसे कुछ क्षेत्र हैं जिनमे भारत मे खास तरक्की नहीं हुई और हम दूसरे देशों पर निर्भर हैं। ऐसी ही क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों में विकास को गति देने के उद्देश्य से सरकार प्रोत्साहन इंसेंटिव लिंक ( पीआईएल ) योजना लेकर आई जिसमें 14 क्षेत्रों को चिन्हित करके उन्हें बढ़ावा देने के लिए दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”



