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भारत-आसियान में डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावना: राजीव चंद्रशेखर

नयी दिल्ली : केंद्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स ,आईटी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि भारत और आसियान देशों के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।श्री चंद्रशेखर ने बताया कि सिंगापुर के साथ रियल टाइम पेमेंट लिंकेज सिस्टम शुरू करने के बाद भारत ने अब मलेशिया सहित आसियान के कई अन्य देशों के साथ भी इसे चालू करने को लेकर साझेदारी की है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय मंत्री मलेशिया की राजधानी कुआला लम्पुर में अयोजित पांचवें आसियान-इंडिया बिजनेस समिट के डिजिटल टेक्नोलोजी सेशन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर भारत और आसियान देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते हुए दोनों पक्षों के बीच शृंखलाबद्ध क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्य, डिजिटल ट्रेड, डिजिटल स्किल्स और इनोवेशन के जरिये डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर पिछले साल के शिखर सम्मेलन में बनी सहमति का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत में किफायती डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और उन्नत प्रौद्योगिकी का विकास और तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम पर सरकार द्वारा ध्यान केंद्रित किए जाने से डिजिटलीकरण की रफ्तार में तेजी आई, जिससे देश में काफी बदलाव आया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का शुभारंभ किया था, जिसका मकसद स्पष्ट है।आईटी राज्यमंत्री कहा कि प्रधानमंत्री जी प्रौद्योगिकी का उपयोग देश के नागरिकों के जीवन के साथ-साथ शासन और लोकतंत्र में बदलाव लाना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का मकसद अर्थव्यवस्था और डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार करने के साथ-साथ रोजगार व उद्यमिता के अवसर का सृजन और निवेश बढ़ाना है।तीसरा मकसद, तीन दशकों से प्रौद्योगिकी का उपभोक्ता रहा भारत को दुनिया में प्रौद्योगिकी उत्पादों और सेवाओं का अग्रणी व भरोसेमंद उत्पादक व आपूर्तिकर्ता बनाना है।डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारत सरकार द्वारा किए गए निवेश और उससे आज मिले रहे लाभ का जिक्र करते हुए आईटी राज्यमंत्री ने बताया कि आधार और यूपीआई से देश में लोगों के व्यवहार में मौलिक परिवर्तन आया है और सरकार पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि देश में फिनटेक का एक इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जिससे दशकों से अनौपचारिक रहे भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों को औपचारिक बनाने और बैंकिंग प्रणाली से लोगों को जोड़ने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कैसलेस व पेपरलेस लेन-देन से कारोबार में पारदर्शिता आई है।(वार्ता)

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