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18 राज्यों में फैले हस्त शिल्पकारों और कारीगरों के 50 स्‍फूर्ति समूहों का उद्घाटन

नई दिल्ली । सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने 18 राज्यों में फैले हस्त शिल्पकारों और कारीगरों के 50 स्‍फूर्ति (SFURTI) समूहों का उद्घाटन किया। इन समूहों में मलमल, खादी, नारियल के रेशे, हस्तकला, काष्ठ शिल्प, हथकरघा, चमड़ा, मिट्टी के बर्तन, कालीन बुनाई, बांस, कृषि प्रसंस्करण, चाय जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के 42 हजार से अधिक कारीगरों को सहायता दी जा रही है। इन समूहों का उद्घाटन आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिसा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल में किया गया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय- एम.एस.एम.ई. ने स्‍फूर्ति समूहों के विकास के लिए 85 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

केन्‍द्र सरकार पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों के समूहों को संगठित करके उनके उत्पाद प्रतिस्पर्धी बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक उद्योगों के पुनरूत्‍थान की योजना लागू कर रही है। इस अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि इस विषय पर अधिक शोध किए जाने की जरूरत है कि ग्राहक गांव के किस तरह का उत्‍पाद खरीदना चाहते हैं। साथ ही इन उत्‍पादों के डिजाइन और बाजार पर भी शोध जरूरी है।

उन्‍होंने सुझाव दिया कि इन पारम्‍परिक उत्‍पादों के डिजाइन में सुधार करने और आकर्षक बनाने के लिए अहमदाबाद के राष्‍ट्रीय डिजाइन संस्‍थान से सम्‍पर्क किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि देश और विदेश में इन उत्‍पादों की बिक्री के लिए एमेजन या अलीबाबा की तरह ही वेबसाइट की जरूरत है। गडकरी ने बताया कि इन समूहों के निर्माण के लिए तेजी से कदम उठाए जाने की आवश्‍यकता है, क्‍योंकि वर्तमान में केवल 82 समूह ही कार्य कर रहे हैं, जबकि 371 समूह बनाने की घोषणा की गई थी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्‍य मंत्री प्रताप चंद्र षाडंगी ने कहा कि इस तरह के समूहों के निर्माण से पारम्‍परिक हस्‍तशिल्‍प कर्मियों का मनोबल बढ़ता है।

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