
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए काशी में कड़े सुरक्षा व यातायात प्रबंध
वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन लाखों भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मैदागिन से गोदौलिया तक क्षेत्र को “नो-व्हीकल जोन” घोषित किया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और गंगा घाटों पर सुरक्षा उपायों के माध्यम से प्रशासन ने सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम दर्शन व्यवस्था लागू की है।
- विश्वनाथ धाम में आस्था का सैलाब, मंदिर मार्ग “नो-व्हीकल जोन” घोषित
वाराणसी । देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी इन दिनों आस्था, श्रद्धा और भक्ति के विराट संगम का सजीव दृश्य प्रस्तुत कर रही है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ ने पूरे काशी क्षेत्र को शिवमय कर दिया है। देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ बाबा विश्वनाथ के चरणों में शीश नवाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक एवं कड़े प्रबंध किए हैं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मैदागिन से गोदौलिया तक सम्पूर्ण क्षेत्र को “नो-व्हीकल जोन” घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में केवल पैदल आवागमन की अनुमति होगी और पुलिस वाहनों का भी प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जिससे दर्शनार्थियों को निर्बाध, सुरक्षित और सुगम मार्ग मिल सके।
पुलिस आयुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि, “काशी आने वाला प्रत्येक भक्त हमारी जिम्मेदारी है। सभी श्रद्धालु निर्धारित नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सभी को शांतिपूर्ण और सुरक्षित दर्शन का अवसर प्राप्त हो।”
प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन चार से पांच लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रहे हैं। इस विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में 200 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों, पीएसी की कंपनियों, ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह बैरिकेडिंग कर कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक अवैध अतिक्रमण और रोड जाम पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 दुकानदारों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सड़क किनारे अथवा वाहनों में बैठकर शराब सेवन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सघन चेकिंग एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आगामी माघ मेले के दौरान संभावित अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने महाकुंभ की तर्ज पर भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारी की है। काशी क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से बम डिस्पोजल टीम द्वारा संवेदनशील स्थलों पर संदिग्ध वस्तुओं की गहन जांच की जा रही है। गंगा नदी क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नावों की ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा प्रत्येक यात्री को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाकर ही नाव में बैठाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
आस्था, अनुशासन और सुरक्षा के इस त्रिवेणी संगम के बीच काशी एक बार फिर यह संदेश दे रही है कि यहां भक्ति केवल भाव नहीं, बल्कि सुव्यवस्था और जिम्मेदारी के साथ निभाई जाने वाली परंपरा है। बाबा विश्वनाथ की नगरी में श्रद्धालुओं का यह जनसैलाब, काशी की आध्यात्मिक चेतना और प्रशासनिक सजगता – दोनों का सशक्त प्रमाण बनकर उभरा है।(वार्ता)
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