Varanasi

काशी में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध. कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी

खरीफ सत्र 2025 -26 के अंतर्गत लक्ष्य 34773 मीट्रिक टन के सापेक्ष 43293 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध, 25,325 मीट्रिक टन का हो चुका वितरण .नकली उर्वरक, काला बाजार, अधिक दामों पर उर्वरक बेचने को रोकने के लिए गठित टीम कर रही छापेमारी, कइयों पर हो चुकी कार्रवाई .

  • कंट्रोल रूम में मोबाइल नम्बर-7007259547 एवं 9369560120 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं किसान
  • योगी सरकार की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद

वाराणसी : योगी सरकार अन्नदाताओं की अच्छी फसल के लिए उर्वरक की उपलब्धता को लगातार बनाए हुए है। योगी सरकार द्वारा फ़सल के लिए सभी उर्वरकों को उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे किसानों को समय से खाद मिल सके। खरीफ सत्र 2025 -26 के अंतर्गत लक्ष्य 34773 मीट्रिक टन के सापेक्ष 43293 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इसकी नियमित रूप से वितरण किया जा रहा है। नकली उर्वरक और कालाबाजारी रोकने के लिए गठित टीम समय -समय पर छापेमारी और जांच कर रही है। किसान कंट्रोल रूम में  मोबाइल नम्बर-7007259547 एवं 9369560120 पर शिकायत  दर्ज करा सकते हैं।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है,। खरीफ़ 2025 -26 के अंतर्गत सभी उर्वरक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। 1 अप्रैल से सितम्बर 2025 तक सभी उर्वरकों के लिए 34773 मीट्रिक टन की उपलब्धता का लक्ष्य है ,जबकि 43293 मीट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता है। अभी तक किसानों में 25,325 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। सहकारिता, इफको, पीसीएफ व निजी केंद्रों समेत सभी संस्थाओं को मिलाकर 699 उर्वरक केंद्रों  से उर्वरकों  की बिक्री  की जा रही है।

कालाबाजारी की रोक के लिए निरंतर की जा रही कार्रवाई

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि नियमित रूप से छापे की कार्रवाई चल रही है। उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक दर पर होने वाली बिक्री रोकने के लिए जिलाधिकारी द्वारा जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में उर्वरक निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जुलाई तक 256 स्थानों पर छापे मारकर 68 नमूने लिए गए। 03 उर्वरक विक्रेताओं के निबंधन प्रमाण पत्र निलम्बित किये गये। 10 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। लिए गए उर्वरक के नमूनों के परीक्षण परिणाम प्राप्त होने पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

मार्च 2025 में 03 औद्योगिक इकाई (पशु आहार) में उपलब्ध टेक्निकल ग्रेड यूरिया उर्वरक का नमूना संग्रहित किया गया था। परीक्षण परिणाम में नीम कोटेड यूरिया पायी गयी, जिसका उपयोग औद्योगिक इकाइयों में प्रतिबंधित है, जिसके कारण 03 प्रथम सूचना रिपोर्ट आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत 02 औद्योगिक इकाइयों एवम् 03 आपूर्तिकर्ता (कुल 5 अभियुक्त) के विरूद्ध दर्ज करायी गयी है। वहीं एक केंद्र से किसान के द्वारा  4 बोरी यूरिया उर्वरक क्रय किया गया है ,विक्रेता मेसर्स  किसान फर्टिलाइजर गजापुर के द्वारा 42 बोरी यूरिया ग़लत तरीके से वितरण किया गया था। जिसका निबंधन प्रमाण पत्र निलंबित  करके वैधानिक कार्यवाही चल रही है।

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