वाराणसी के 8 विकास खंडों के 155 गांवों में “अमृत वन” वृक्षारोपण के महाभिया से विकसित किए जाएंगे
पौधरोपण के माध्यम से 'अमृत मार्ग' विकसित करेगी योगी सरकार.योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में “अमृत वन” की करेगी की स्थापना.प्रत्येक अमृत वन में 400 से 500 पौधे लगाए जाने की योजना .
- पौधों की सुरक्षा हेतु अमृत वन को तारों से घेरा जाएगा, खाद पानी आदि की देखभाल की व्यवस्था के लिए वॉचर रखे जाएंगे
वाराणसी :पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से स्वच्छ आब -हवा किसी अमृत से कम नहीं है। योगी सरकार ऐसे ही स्वच्छ वायु के अमृत पान के लिए “अमृत वन” विकसित कर रही है। इस योजना के तहत वाराणसी के सभी विकास खंडों के 155 गांवों में “अमृत वन” वृक्षारोपण के माध्यम से विकसित किए जाएंगे। 9 अप्रैल के महा वृक्षारोपण अभियान में वाराणसी में 1 8087500 पौधे रोपित करने का लक्ष्य है । सरकार वृक्षारोपण अभियान के साथ ही पौधों की देखभाल भी सुनिश्चित कर रही है
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने जानकारी दिया कि 9 जुलाई को आयोजित वृक्षारोपण के महाभियान के दौरान इन अमृत वनों की स्थापना का की शुरुआत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत सभी आठ विकासखंडों को मिलाकर लगभग 155 ग्राम पंचायतों में अमृत वन की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक अमृत वन में 400 से 500 पौधे लगाए जाने की योजना है। इन पौधों की सुरक्षा हेतु अमृत वन को तारों से घेरा जाएगी और खाद पानी आदि की देखभाल की व्यवस्था के लिए स्थानीय वॉचर की नियुक्ति की जाएगी।
उपयुक्त श्रम रोजगार पवन कुमार सिंह ने बताया कि एक पेंड माँ के नाम वृक्षारोपण अभियान की तैयारी कर ली गई है। वृक्षारोपण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं जिओ टैगिंग के भी निर्देश दिए गए है। अमृत वन न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से लाभकारी होंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में इमारती लकड़ी की दीर्घकालिक उपलब्धता भी सुनिश्चित करेंगे। इन पौधों में सागौन, शीशम, अर्जुन, बहेड़ा, सहजन जैसी प्रजातियां शामिल की जा रही हैं, जो आर्थिक और औषधीय दृष्टि से भी उपयोगी मानी जाती हैं।
काशी के 8 विकासखंड के 162 गांव में 150 किलोमीटर में रोपित किए जाएंगे छायादार पौधे
वाराणसी : योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि और ग्रामीण सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण के माध्यम से “अमृत मार्ग” विकसित करेगी। काशी के आठ विकासखंड में पौधरोपण महाभियान में ग्राम्य विकास विभाग लगभग 150 किलोमीटर एरिया में छायादार पौधे लगाएगा। पौधों की देखभाल के लिए वॉचर रहेंगे। 9 जुलाई के पौधरोपण महाभियान में वाराणसी में 1,80,87,500 पौधे रोपित करने का लक्ष्य है। इसमें ग्राम्य विकास विभाग 61,04000 पौधे लगाएगा। इससे काशी की ग्रामीण सड़कों के किनारे हरियाली देखने को मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि वाराणसी के सभी आठ विकास खंड के 162 गांव की सड़कों को अमृत मार्ग बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सभी ब्लॉक को मिलाकर लगभग 150 किलोमीटर लंबा अमृत मार्ग तैयार किया जाएगा। प्रत्येक गांव में औसतन पांच सौ मीटर का अमृत मार्ग बनाया जाना प्रस्तावित है। जहां मुख्यतः छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उपायुक्त श्रम/रोजगार पवन कुमार सिंह ने बताया कि अमृत मार्ग पर लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए ट्री गार्ड लगाए जाएंगे और एक वॉचर की नियुक्ति की जाएगी, जो इन पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी करेगा। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य दीर्घकालिक हरित विकास सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में यह मार्ग ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सौंदर्य और स्वच्छता का प्रतीक बनेंगे।
वाराणसी मंडल में लगेंगे 1.80 करोड़ से अधिक पौधे
वाराणसी, योगी सरकार साल दर साल पौधरोपण को नया आयाम दे रही है। एक पेड़ मां के नाम-2.0 के तहत पौधरोपण महाभियान-2025 (9 जुलाई) में वाराणसी मंडल के 4 जनपदों में एक दिन में 1 करोड़ 80 लाख 87 हजार से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। इसमें सर्वाधिक चंदौली में पौधरोपण होगा, यहां 63 लाख से अधिक पौधरोपण होगा। पर्यावरण संरक्षण के इस महाभियान में वन विभाग एवं अन्य 26 सरकारी विभाग शामिल होकर पौधरोपण का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे। वाराणसी के प्रभारी मंत्री, नोडल अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक पेड़ मां के नाम तहत पौधरोपण होगा।
वाराणसी वृत्त के वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में अब 37 करोड़ पौधरोपण होंगे। वाराणसी मंडल के चार जिलों (वाराणसी, चंदौली, ग़ाज़ीपुर और जौनपुर) में योगी सरकार ने पौधरोपण का नया लक्ष्य तय कर दिया है। वाराणसी मंडल में 1 करोड़ 72 लाख 18,520 पौधरोपण के पुराने लक्ष्य को बढाकर अब 1 करोड़ 80 लाख 87,500 पौधरोपण का नया लक्ष्य रखा गया है। नए लक्ष्य के पश्चात वाराणसी मंडल में अब 8 लाख 68,980 से अधिक पौधे बढ़ाए गए हैं।
वन संरक्षक ने बताया कि वाराणसी मंडल में वन विभाग एवं अन्य 26 सरकारी विभाग महाअभियान में शामिल होंगे। इसमें फलदार व ऑक्सीजन देने वाले पौधों को अधिक लगाने की योजना है। सहजन, पीपल, पाकड़, बरगद,अर्जुन, जामुन, आंवला, अमरुद, आम, सागौन, शीशम आदि के अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार ने बताया कि पौधरोपण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था एवं जियो टैगिंग करके सभी पौधरोपण स्थलों की ऑनलाइन (डिजिटली ) समीक्षा की जानी है। सभी कार्यालय, स्कूल और संस्थाएं आधे दिन पौधरोपण कार्य में सहयोग देंगे। सुबह 6 से शाम 6 बजे तक या जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित समय के अनुसार पौधरोपण कार्यक्रम चलेगा पौधरोपण का शत-प्रतिशत जियो टैगिंग किया जाना भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
वाराणसी मंडल के चार जिलों में 1,80,87,500 प्रस्तावित पौधारोपण का नया लक्ष्य
वाराणसी-18,28,400
गाज़ीपुर- 43,63,900
जौनपुर-54,95,600
चंदौली -63,99,600
वाराणसी मंडल में विभागवार पौधरोपण की संख्या
वन विभाग-6425000
पर्यावरण विभाग-810000
ग्राम्य विकास-6104000
राजस्व-511000
पंचायती राज-619000
आवास विकास-21600
औद्योगिक विकास-34200
नगर विकास-190400
लोक निर्माण विभाग-43300
जल शक्ति विभाग( सिंचाई एवं जल संसाधन 25800 ,नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति-25800 )-51600
रेशम विभाग-86000
कृषि विभाग-1941500
पशुपालन विभाग-27100
सहकारिता विभाग-34200
उद्योग विभाग-40300
ऊर्जा विभाग-18400
माध्यमिक शिक्षा-58200
बेसिक शिक्षा-73600
प्राविधिक शिक्षा-24900
उच्च शिक्षा-72300
श्रम विभाग-13100
स्वास्थ्य विभाग-33000
परिवहन विभाग-9800
रेलवे विभाग-40000
रक्षा विभाग-15000
उद्यान विभाग-753000
गृह विभाग-37000



