- सिंगापुर में डीबीएस बैंक की सीईओ से मुख्यमंत्री योगी की बैठक, वित्तीय और ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में निवेश पर व्यापक चर्चा
सिंगापुर/लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान डीबीएस बैंक (DBS Bank) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी टैन सू शान (Tan Su Shan) और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान डिजिटल बैंकिंग व अफोर्डेबल वित्तीय सेवाओं, कैपेबिलिटी डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर निर्माण तथा ग्रीन एनर्जी के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर मुख्यालय वाले इस वैश्विक वित्तीय संस्थान को उत्तर प्रदेश में निवेश और साझेदारी के अवसरों का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित भी किया।
डीबीएस बैंक ने उत्तर प्रदेश के उभरते ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में विशेष रुचि दिखाई। विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और सौर ऊर्जा जैसे हरित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग, विशेषकर सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के लिए ताइवानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की संभावना पर भी चर्चा की गई।
बैठक में सहकारी बैंकिंग ढांचे के डिजिटलीकरण पर भी विस्तार से विचार हुआ। डीबीएस बैंक ने जिलों में सहकारी बैंकों के डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से किसानों को बेहतर और सुलभ वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग की इच्छा जताई। 1968 में स्थापित डीबीएस बैंक की कुल परिसंपत्तियां दिसंबर 2023 तक लगभग 739 बिलियन अमेरिकी डॉलर थीं। भारत में इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड 19 राज्यों में लगभग 350 स्थानों पर संचालन कर रही है।
यह बैठक उत्तर प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित विकास लक्ष्यों और निवेशकों के लिए अनुकूल इकोसिस्टम के साथ डीबीएस बैंक की भारत विकास रणनीति को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार पारदर्शिता, नीतिगत स्थिरता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि सीएम योगी की राज्य में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देने की इसी नीति के तहत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य फिलहाल यूरोप के दौरे पर हैं।
यूपी में ₹8 हजार करोड़ के निवेश से 100 मेगावाट का डेटा सेंटर स्थापित करेगी जीएससी ग्रीन्स
सिंगापुर/लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही कई सफलताएं दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल (जीएससी) ग्रीन्स के निदेशक सुमित नंदा ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए ₹8000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। बैठक में प्रदेश में हरित और सतत निवेश (ग्रीन एंड सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट्स) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ।
भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए इस बैठक में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड सपोर्ट सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा संचालित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधित जरूरतों के लिए क्लाइमेट फाइनेंस, कार्बन उत्सर्जन में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा संचालन से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी बातचीत हुई। इन पहलों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विशेष बल दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक विकास मॉडल के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम और तेज निर्णय प्रक्रिया, हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रही हैं। उन्होंने जीएससी ग्रीन्स को परियोजना विकास और निवेश के अन्य अवसरों का सक्रिय अन्वेषण करने का आमंत्रण भी दिया।
सिंगापुर में कौशल सहयोग को नई उड़ान, आईटीई कॉलेज सेंट्रल में एमओयू के साक्षी बने सीएम योगी
सिंगापुर/लखनऊ, 23 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को सिंगापुर दौरे के पहले दिन आईटीई कॉलेज सेंट्रल में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। यह पहल उत्तर प्रदेश के तेजी से विस्तारित हो रहे बुनियादी ढांचे और रोजगार तंत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर और एविएशन हब का निरीक्षण किया तथा उद्योगों के साथ एकीकृत प्रशिक्षण के वैश्विक मॉडल को ध्यान से देखा। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक शिक्षा प्रणाली की सराहना की। मुख्यमंत्री ने आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (आईटीईईएस) के साथ विस्तृत बैठक कर तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र में अनुभव, विशेषज्ञता और प्रशिक्षण मॉडल को साझा करने तथा मिलकर काम करने पर बातचीत की। उन्होंने सिंगापुर की आईटीई संस्था को उत्तर प्रदेश के साथ स्पष्ट और केंद्रित सहयोग के लिए आमंत्रित किया, जिसमें एविएशन, डेटा सेंटर संचालन और मेक्ट्रॉनिक्स (मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का संयोजन) जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
प्रस्तावित सहयोग के तहत ऐसे सुव्यवस्थित तरीके से तैयार और परिणामोन्मुख कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनसे उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवा प्रतिभा विकसित हो सके। यह पहल राज्य के अगले चरण के इन्फ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास को मजबूत आधार देगी। इस रूपरेखा के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, आईटीई सिंगापुर जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ मिलकर एविएशन एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस), कार्गो संचालन, मेक्ट्रॉनिक्स और एयरसाइड लॉजिस्टिक्स में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थापित कर सकता है। इससे जेवर एयरपोर्ट और व्यापक एविएशन इकोसिस्टम के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार इन एमओयू को शीघ्र अमल में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएगी, ताकि प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।



