
‘विद्यार्थी चाहें तो आएं, न चाहें तो न आएं’ की सुविधा के साथ 19 से दो पालियों में खुलेंगे स्कूल
जौनपुर। कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में जनपद में संचालित समस्त बोर्डों के कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन पुनः 19 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। विद्यालयों में गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करते हुए दो पालियों में शिक्षण कार्य होगा। इस सन्दर्भ में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आज शुक्रवार को एक बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय खोले जाने के पूर्व उन्हें पूरी तरह से पहले सेनेटाइज किया जाए तथा यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरांत नियमित रूप से भी सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवास, थर्मल स्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कार्मिक को खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण हों तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाए। विद्यार्थियों को हैंडवाॅश और सैनिटाजेशन कराने के पश्चात ही विद्यालय में प्रवेश दिया जाए। विद्यालय में प्रवेश के समय तथा छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

प्राचार्यों एवं विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी न की जाय। विद्यालय में एक से अधिक प्रवेश द्वार है तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि विद्यार्थी स्कूल बसों से विद्यालय से सम्बद्ध सर्वजनिक सेवा वाहन से आते हैं तो उन्हें प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जाय। बैठने की व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालयों के अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों की दूरी पर बैठने की व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
यह भी निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था यथावत जारी रखी जाये तथा इसे प्रोत्साहित किया जाए। जिन विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन पठन-पाठन की सुविधा नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाए। यदि कोई विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन करना चाहता है तो उसके पास सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। विद्यालय दो पाली में संचालित किए जाएं।
प्रथम पाली में कक्षा नौ एवं दस तथा द्वितीय पाली में कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को पठन-पाठन हेतु बुलाया जाए। एक दिवस में प्रत्येक अधिकतम 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को ही बुलाया जाए। अवशेष 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को अगले दिन बुलाया जाए। विद्यार्थियों को उनके माता-पिता अभिभावक की लिखित सहमति के उपरांत ही पठन-पाठन हेतु बुलाया जाए। उपस्थिति हेतु लचीला रुख अपनाया जाए तथा किसी विद्यार्थी को विद्यालय आने के लिए बाध्य न किया जाए। कोविड-19 के फैलाव से बचाव के उपायों के प्रति विद्यार्थियों को जागरुक किया जाए।



