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आईएएस रानू साहू गिरफ्तार, ईडी ने कोर्ट में किया पेश

रायपुर,छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ की IAS अधिकारी रानू साहू को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है। शनिवार सुबह उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया है। रानू साहू को इससे पहले ED अपने दफ्तर ले आई थी। शुक्रवार देर रात तक रानू साहू के देवेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी में मिले अहम सबूतों के मुताबिक रानू साहू करोड़ों रुपए के हेर-फेर में शामिल थीं, फिलहाल मामले की जांच जारी है।

रानू साहू छत्तीसगढ़ की दूसरी IAS ऑफिसर हैं जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया। इससे पहले आईएएस समीर विश्नोई गिरफ्तार हो चुके हैं और कोल स्कैम के मामले में फिलहाल रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद है। रानू साहू वर्तमान में कृषि विभाग में संचालक के पद पर पदस्थ थीं। इससे पहले रानू रायगढ़ जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं।

पिछले साल ED ने मनी लांड्रिंग और कोल अवैध वसूली मामले में रानू साहू के कलेक्टर रहते हुए छापेमारी कार्रवाई की थी। रानू साहू के मायके में ED के अधिकारियों ने दबिश दी थी। साहू के गांव पाण्डुका, गरियाबंद जिले में छापा पड़ा था। साहू के परिजन राजनीति से जुड़े हैं। जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू और कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू के घर टीम घुसी थी। लक्ष्मी साहू कलेक्टर रानू साहू की मां हैं। वहीं शैलेंद्र साहू उनके चचेरे भाई हैं। मैनपुर में एक 12 एकड़ के तालाब के भी इस परिवार के नाम होने की जानकारी सामने आई थी, क्योंकि इसकी प्रारंभिक रजिस्ट्री में परिवार का नाम था।

दो महीने पहले कोल मामले में ED ने आईएएस अफसर, कोल कारोबारी और कुछ कांग्रेसी विधायकों की संपत्ति अटैच की थी। तब प्रदेश में 90 चल अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। जिनमें लग्जरी गाड़ियां, ज्वेलरी और नगद शामिल है। कुल 51. 40 करोड़ की संपत्ति को बरामद किया गया है। यह बरामदगी आईएएस रानू साहू, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, विधायक चंद्र देव राय के पास से की गई थी। यह कोल एक्सटॉर्शन स्कैम से जुड़ा हुआ मामला है। ईडी की तरफ से कहा गया है कि इस मामले में अब तक 221.5 करोड़ के आसपास की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।(वीएनएस)

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