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अयोध्या में दीपोत्सव पर दिखेगा अद्भुत नजारा, 41 मठ-मंदिरों की रोशनी से जगमगाएगी रामनगरी

अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दसवें दीपोत्सव 2026 को भव्य बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद रामपथ के साथ 41 प्रमुख मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी से सजाएगी। छोटी छावनी, दशरथ महल, लक्ष्मण किला, हनुमानगढ़ी सहित कई धार्मिक स्थल झालरों और आधुनिक लाइटिंग से जगमगाएंगे। दीपोत्सव से पहले सजावट पूरी करने की योजना है। इस विशेष आयोजन से अयोध्या के धार्मिक वैभव, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन आकर्षण को नया स्वरूप मिलेगा।

अयोध्या : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने जा रहे दसवें दीपोत्सव को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए रामनगरी में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार रामपथ के साथ अयोध्या के 41 प्रमुख मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भी आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद इन स्थलों पर झालरों और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था कर रही है, जिससे दीपोत्सव के दौरान रामनगरी का आध्यात्मिक वैभव और निखरकर सामने आएगा।

परिषद ने इसके लिए 41 मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सूची तैयार की है। इन स्थानों पर अलग-अलग संख्या में झालरें लगाई जाएंगी। सैकड़ों झालरों से सजे धार्मिक स्थल दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। योगी सरकार के प्रयासों से अयोध्या को भव्य धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह सजावट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

छोटी छावनी से दशरथ महल तक, 41 स्थलों पर होगी रोशनी

श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की सूची में छोटी छावनी मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, दूबे मंदिर, चारधाम मंदिर, दिगम्बर अखाड़ा, बड़ा भक्त महल, दशरथ महल, सनकादिक आश्रम, जानकी घाट, कौशल्या सदन, अशर्फी भवन, रामवल्लभाकुंज, डाडिया मंदिर, लक्ष्मण किला, सुग्रीव किला, श्रीधाम रामकोट, रंग महल, क्षीरेश्वर मंदिर, तोत्रादिमठ, तिवारी मंदिर, रामनिदेशाचार्यजी मंदिर और सतगुरु आश्रम सहित प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा झुनकीघाट मंदिर, नाका हनुमानगढ़ी मंदिर अयोध्या, उदासीन संगत आश्रम (रानोपाली), फटिक शिला, रामकचेहरी, रामवल्लभाचार्य मंदिर, गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड, राजसदन, सहादतगंज हनुमानगढ़ी, दरिद्री आश्रम, श्री हनुमान मंदिर पक्का घाट, हनुमत सदन आचार्य राजकिशोर, कच्चा घाट बन्धा तिराहा, कारसेवकपुरम परिसर, कारसेवकपुरम कार्यशाला, मंगल भवन, सुन्दरधाम, भजन सभ्य स्थल और महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ को भी रोशनी से सजाया जाएगा।

पारंपरिक झालरों के साथ आधुनिक लाइटिंग का संगम

परिषद की योजना के तहत प्रत्येक स्थल पर जरूरत के अनुसार झालरों की संख्या निर्धारित की गई है। पारंपरिक सजावट और आधुनिक लाइटिंग के मेल से मठ-मंदिरों को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। इससे रात के समय धार्मिक स्थलों की भव्यता और स्थापत्य की सुंदरता उभरकर सामने आएगी। पिछले दीपोत्सवों में लाखों दीयों से अयोध्या को रोशन किया गया था। इस बार मठ-मंदिरों की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि धार्मिक स्थलों की महत्ता भी प्रमुखता से दिखाई दे। परिषद के अनुसार, लाइटिंग का काम जल्द शुरू किया जाएगा और दीपोत्सव से पहले पूरा करने की योजना है।

दीपोत्सव से पहले पूरी होगी सजावट

श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान मठ-मंदिरों को पारंपरिक और आधुनिक लाइटिंग के मिश्रण से सजाया जाएगा। रात के समय ये स्थल रोशनी से नहाए हुए दिखाई देंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास दीपोत्सव के दौरान रामनगरी को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने की दिशा में किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और संत-महंतों में भी इन तैयारियों को लेकर उत्साह है। उनका मानना है कि जब 41 मठ-मंदिर एक साथ रोशनी से जगमगाएंगे, तो पूरा अयोध्या क्षेत्र रोशनी के सागर जैसा दिखाई देगा। योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव में रामपथ के साथ प्रमुख मठ-मंदिरों की सजावट अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव को एक नया रूप देने की तैयारी है।

होटलों में 4 से 8 नवंबर तक कमरे बुक, होम स्टे में 2 से 10 नवंबर तक की बुकिंग

भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या दसवें दीपोत्सव के स्वागत के लिए सज-धजकर तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार, पर्यटन विभाग और अयोध्या विकास प्राधिकरण के समन्वय से पर्यटकों के ठहरने, आवागमन और दीपोत्सव के भव्य आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राम मंदिर के दर्शन, सरयू घाटों की जगमगाहट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।

दीपोत्सव को लेकर अयोध्या के होटल और होम स्टे में बुकिंग की मांग बढ़ गई है। स्थानीय कारोबारियों में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या को प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों के बीच दीपोत्सव स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आ रहा है।

आठ नवंबर तक होटल के सभी कमरे बुक

नए घाट के पास स्थित रामप्रस्थ होटल के मैनेजर लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि उनके होटल में 4 से 8 नवंबर तक के लिए सभी कमरे बुक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव को लेकर पर्यटकों में भारी उत्साह है। अयोध्या में की जा रही व्यवस्थाओं को देखकर लोग प्रसन्नता जाहिर कर रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती मांग से आयोजन के दौरान शहर में ठहरने की व्यवस्था की अहमियत भी बढ़ गई है।

होम स्टे में भी 2 से 10 नवंबर तक की बुकिंग

अयोध्या स्टेशन रोड स्थित अवध होम स्टे के संचालक अम्बरीश पाण्डेय ने बताया कि उनके यहां 2 से 10 नवंबर तक के लिए सभी कमरे बुक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या विकास प्राधिकरण और सरकार की ओर से अच्छा समन्वय किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। होम स्टे में बढ़ती बुकिंग से स्थानीय स्तर पर ठहरने की सुविधाओं की मांग का भी पता चलता है।

बेहतर व्यवस्थाओं से पर्यटकों की यात्रा बना रहे यादगार

पर्यटक गाइड ओ.पी. सैनी ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। उनके अनुसार, योगी सरकार के प्रयासों से सड़क, घाट, पार्किंग और रोशनी की व्यवस्थाओं में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि गाइड भी पर्यटकों को राम जन्मभूमि, सरयू घाट और अन्य धार्मिक स्थलों के बारे में सही जानकारी और मार्गदर्शन दे रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा यादगार बन सके।

राम और हनुमान जी की मूर्तियों की मांग बढ़ी

दीपोत्सव की तैयारियों का असर स्थानीय बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। मूर्तिकार और धार्मिक सामग्री विक्रेता राजकुमार ने बताया कि राम और हनुमान जी की मूर्तियों, दीयों तथा पूजा सामग्री की मांग में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा मिलने से व्यापार अच्छा चल रहा है। बाहर से आने वाले पर्यटक भी अयोध्या में की जा रही तैयारियों की तारीफ कर रहे हैं। दीपोत्सव को लेकर होटल संचालकों, होम स्टे कारोबारियों, गाइडों और धार्मिक सामग्री विक्रेताओं में दिख रहा उत्साह अयोध्या के पर्यटन और स्थानीय व्यापार के लिए इस आयोजन की अहमियत को दर्शाता है।

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