यमुना एक्सप्रेसवे पर बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर, 400 करोड़ निवेश से यूपी बनेगा डिजिटल हब
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में ₹400 करोड़ के निवेश से हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित होगा, जिसकी क्षमता 7000 सर्वर रैक होगी। यह AI, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं को मजबूती देगा। साथ ही इटली की सिम्प्लास्ट कंपनी ₹70 करोड़ से विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इन परियोजनाओं से रोजगार, विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मजबूत फाइबर नेटवर्क से क्षेत्र डिजिटल और औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा।
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी डिजिटल और औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग ₹400 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कंपनी को पांच एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया भी उपस्थित रहे।
यह डेटा सेंटर उत्तर भारत की डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। परियोजना का नेतृत्व कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के पूर्व छात्र करण गुप्ता कर रहे हैं। इस हाइपरस्केल डेटा सेंटर को दो अत्याधुनिक भवनों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल क्षमता लगभग 7000 सर्वर रैक होगी। यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी और इसके पूर्ण संचालन के बाद लगभग 100 पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। भूमि हस्तांतरण के 18 माह के भीतर इसका व्यावसायिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह डेटा सेंटर विशेष रूप से तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा स्टोरेज और डिजिटल सेवाओं को समर्थन प्रदान करेगा। इससे स्टार्टअप्स, आईटी कंपनियों, सरकारी संस्थानों और डिजिटल व्यवसायों को अत्याधुनिक डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
परियोजना में हरित ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल तकनीकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अत्याधुनिक कूलिंग सिस्टम, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों और उन्नत पावर मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग कर बिजली खपत को कम करने और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता और विकसित फाइबर नेटवर्क इस परियोजना को रणनीतिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएंगे।
राज्य सरकार की डेटा सेंटर नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के कारण उत्तर प्रदेश में निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के विजन के अनुरूप यह निवेश प्रदेश को डिजिटल नवाचार और डेटा प्रबंधन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसी क्रम में, इटली की वैश्विक कंपनी सिम्प्लास्ट ग्रुप ने भी यीडा क्षेत्र में ₹70 करोड़ के निवेश से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत प्लास्टिक और रोटेशनल मोल्डिंग उत्पादों की नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना में 50 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) शामिल होगा। यीडा के सीईओ ने कंपनी को तीन एकड़ भूमि आवंटन के लिए एलओआई (Letter of Intent) सौंपा है।
यह विनिर्माण इकाई भारत-इटली औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। परियोजना के तहत उन्नत यूरोपीय तकनीक, आधुनिक उत्पादन प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का उपयोग किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से हो रहा यह निवेश इसे देश के सबसे बड़े डिजिटल और औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और मजबूत औद्योगिक नीति के कारण यह क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
कुल मिलाकर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर और वैश्विक विनिर्माण इकाई की स्थापना उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, डिजिटल और आर्थिक विकास को नई गति देगी। यह पहल न केवल प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी, बल्कि रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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