
सैकड़ो वर्ष की परम्परा टूटी,नही लगा दशहरा का मेला
कोरोना की भेंट चढ़ी ऐतिहासिक मेला , रावण दहन की पूरी हुई औपचारिकता .
दुद्धी, सोनभद्र – नगर के रामलीला मैदान पर लगने वाली दशहरे की ऐतिहासिक मेला इस बार कोरोना कहर की भेंट चढ़ गयी।सैकड़ो वर्ष पुरानी परम्परा टूट गयी।विश्वव्यापी कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरे प्रदेश में मेले के आयोजनों पर रोक लगा दी है।जिसके कारण दुद्धी की ऐतिहासिक मेला भी इस बार नही लगी।बावजूद इसके गांव के कुछ अनजान लोग मेले की आस में दुद्धी रामलीला मैदान की तरफ आये।लेकिन ग्राउंड पर तालाबंदी देखकर निराश अपने अपने घरों को लौट गये।उधर स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद रही।मेला स्थल के इर्द गिर्द एक भी दुकानों को लगने की अनुमति नही दी गई।खासकर मेले का आयोजन न होने से मिठाई दुकानदारों को काफी क्षति हुई।जो वर्ष भर में मनाये जाने वाले इस ऐतिहासिक दशहरा के मेले में अपनी मेहनत की कमाई का से हजारों कमाते हैं।लेकिन इस बार उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया और बनी मिठाई नही बिकी।जिसमें उल्टा उन्हें हजारो का नुकसान हुआ।

इस बार सिर्फ रावण दहन की सिर्फ औपचारिकता ही निभाई गयी।रामलीला मैदान पर मां दुर्गा जी की प्रतिमाओं की उपस्थिति में भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया।रावण का वध होते ही श्रीराम के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।इस मौके पर श्री रामलीला कमेटी,सभी दुर्गा पूजा कमेटी एवं जेबीएस पदाधिकारी उपस्थित रहे।प्रशासन की ओर से एसडीएम, सीओ, कोतवाल समेत काफी लोग सुरक्षा व्यवस्था में डटे रहे।




