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नववर्ष पर भक्ति का महासंकल्प: देशभर में गूंजा बाबा गणिनाथ का जयकारा

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

  • बाबा गणिनाथ भक्त मंडल के आह्वान पर मद्धेशिया समाज ने मंदिरों व घरों में किया दर्शन-पूजन, समाजिक एकता का संदेश

वाराणसी : यह नववर्ष केवल तिथि का परिवर्तन नहीं, आस्था, एकता और संकल्प का नवप्रारंभ बनकर उभरा-जब बाबा गणिनाथ भक्त मंडल के आह्वान पर, वर्ष के प्रथम दिन देशभर के मद्धेशिया समाज के श्रद्धालुओं ने अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों में पहुँचकर बाबा गणिनाथ का दर्शन-पूजन किया, माथा टेका और नए वर्ष के हर कार्य की शुरुआत बाबा के आशीर्वाद के साथ की। जहाँ मंदिर सुलभ थे, वहाँ श्रद्धा के साथ दर्शन हुए; और जहाँ मंदिर तक पहुँचना संभव नहीं था, वहाँ घर-घर बाबा का चित्र स्थापित कर पूजा, अर्चन और स्मरण के माध्यम से भक्ति का दीप प्रज्वलित किया गया। यह दृश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक एकजुटता का जीवंत प्रमाण बना।

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

उल्लेखनीय है कि यह अभियान वर्ष 2025 में वाराणसी के मुकीमगंज स्थित बाबा गणिनाथ मंदिर से प्रारंभ हुआ था, जिसने आज देश के अनेक जनपदों तक श्रद्धा की लहर पहुँचा दी है। इस अवसर पर बाबा गणिनाथ भक्त मंडल के राष्ट्रीय संरक्षक श्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने समाज के स्वजातीय बंधुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक शनिवार को समाज एकत्र होकर बाबा के मंदिरों में पूजन, ध्यान और चालीसा पाठ करे, तो समाज की अनेक समस्याएँ स्वतः दूर होंगी। उन्होंने खिचड़ी पर्व पर खिचड़ी सहभोज आयोजित कर सामाजिक संवाद और समरसता को सुदृढ़ करने की भी अपील की। श्री गुप्ता ने भावपूर्ण शब्दों में कहा-“बाबा बड़े दयालु हैं, वे अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते। परिवार सहित बाबा के दरबार में आकर मत्था टेकिए-निश्चय ही मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी और संकट दूर होंगे।” इस आह्वान के साथ नववर्ष का यह प्रथम दिन, भक्ति, विश्वास और सामाजिक चेतना का संदेश देता हुआ इतिहास में अंकित हो गया।

नववर्ष पर बाबा गणिनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, मुकीमगंज मंदिर में भव्य सामूहिक पूजन सम्पन्न

नववर्ष के प्रथम दिवस पर बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल, वाराणसी के सौजन्य से मुकीमगंज स्थित कुलगुरु संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ गोविंद जी मंदिर परिसर में भव्य सामूहिक दर्शन-पूजन एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। मंदिर प्रांगण “जय बाबा गणिनाथ” के जयघोष से गुंजायमान रहा और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। इस पावन अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर बाबा गणिनाथ गोविंद जी से समाज, परिवार और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति की कामना की। कार्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से मद्धेशिया समाज के युवक–युवतियों को यह संदेश दिया गया कि कुलदेवता के प्रति आस्था न केवल व्यक्ति के जीवन को दिशा देती है, बल्कि समाज को एकजुट रखकर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ती है। वक्ताओं ने कहा कि कुलगुरु के चरणों में नित्य नमन और प्रार्थना से जीवन में सद्बुद्धि, संस्कार और मार्गदर्शन प्राप्त होता है।

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

पारिवारिक एवं सामाजिक सहभागिता से सुसज्जित इस आयोजन में कार्यक्रम संयोजक अधिवक्ता दीपक गुप्ता, शीला कांदु,रीता गुप्ता, अन्नपूर्णा गुप्ता,संगीता गुप्ता,रेनू गुप्ता, नीलम गुप्ता ,मीरा गुप्ता ,शैलेन्द्र गुप्ता, सुभाष गुप्ता, संजू गुप्ता, राजकुमार गुप्ता सहित समाज के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित जन रमेश गुप्ता, गोपाल गुप्ता, रंजीत गुप्ता, भोला जी, राजेश गुप्ता, आलोक गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, हेमंत गुप्ता आदि सपरिवार उपस्थित रहे। सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम को और अधिक भावविभोर बनाने हेतु डमरू वादन करने वाली टीम की विशेष प्रस्तुति ने भक्तिरस की धारा प्रवाहित कर दी, जिसकी उपस्थितजनों ने मुक्त कंठ से सराहना की। समापन अवसर पर भक्त मण्डल की ओर से डमरू वादन टीम को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

आयोजन की सफलता पर राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र कुमार गुप्ता एवं पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता (सेंचुरियन) ने कार्यक्रम में पधारे समस्त श्रद्धालुओं, समाजबंधुओं और अतिथियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की तथा भविष्य में भी ऐसे धार्मिक व सामाजिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन नववर्ष पर भक्ति, एकता और संस्कार का प्रेरक संदेश देकर समाज के लिए नई ऊर्जा का संचार कर गया।

बरहज में बाबा गणिनाथ के दरबार में उमड़ी श्रद्धा, बेचू शाह पोखरा मंदिर में भव्य दर्शन- पूजन सम्पन्न

बरहज (देवरिया)। मध्यदेशीय वैश्य महासभा की ओर से बरहज स्थित बेचू शाह पोखरा परिसर के बाबा गणिनाथ मंदिर में श्रद्धा और भक्ति भाव से परिपूर्ण दर्शन–पूजन का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र हुए और “जय बाबा गणिनाथ” के जयघोष के बीच बाबा के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री (संगठन) मनोज मद्धेशिया, प्रदेश कोषाध्यक्ष विनोद मद्धेशिया, संतोष मद्धेशिया, अभिषेक मद्धेशिया सहित समाज से जुड़े अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत भक्तों ने बाबा से समाज, परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति की कामना की।

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

नगर अध्यक्ष पवन मद्धेशिया ने सभी का स्वागत किया। नगर पालिका के बडे बाबु मनोज गुप्ता ने भावविभोर होकर कहा कि जो बाबा गणिनाथ से जुड़ जाता है, उसके सारे संकट दूर हो जाते हैं। बाबा बड़े दयालु हैं, वे बिना मांगे ही अपने भक्तों को बहुत कुछ प्रदान करते हैं। यह आयोजन समाज में आस्था, एकता और विश्वास का संदेश देकर सभी के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर गया। इस दौरान अमित मद्धेशिया, राकेश मद्धेशिया,विनोद गुप्ता, कुलभूषण मद्धेशिया,मनीष मद्धेशिया,रतन गुप्ता,राकेश मद्धेशिया,मोहित मद्धेशिया महामंत्री,पियूष चावला कोषाध्यक्ष,राकेश मद्धेशिया,राजेश मद्धेशिया,ओम प्रकाश मद्धेशिया सहित अन्य मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर कहा कि जो बाबा गणिनाथ से जुड़ जाता है, उसके सारे संकट दूर हो जाते हैं। बाबा बड़े दयालु हैं-वे बिना मांगे ही अपने भक्तों को बहुत कुछ प्रदान करते हैं। यह आयोजन समाज में आस्था, एकता और विश्वास का संदेश देकर सभी के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर गया।

पड़रौना में कुलगुरु बाबा गणिनाथ के दरबार में उमड़ी श्रद्धा, मध्यदेशीय वैश्य समाज ने किया सामूहिक दर्शन-पूजन

पड़रौना ,कुशीनगर। मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर मध्यदेशीय वैश्य समाज के श्रद्धालुओं ने गहन आस्था और भक्ति भाव के साथ कुशीनगर जनपद के पड़रौना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा मठिया नरईपुर स्थित मद्धेशिया (कान्दू) समाज के कुलगुरु बाबा गणिनाथ जी महाराज के पावन मंदिर प्रांगण में पहुँचकर विधिवत दर्शन–पूजन किया और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में “जय बाबा गणिनाथ” के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति की प्रार्थना की। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि कुलगुरु बाबा गणिनाथ जी महाराज के प्रति श्रद्धा समाज को एकता के सूत्र में बाँधती है और नई पीढ़ी को अपने संस्कारों व परंपराओं से जोड़ती है।

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

पूजन-अर्चन के पश्चात श्रद्धालुओं ने बाबा का पावन प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में पुजारी रमाशंकर गुप्ता, प्रमोद मध्यदेशिया, सुनील गुप्ता, भुआल मध्यदेशिया, महेश मध्यदेशिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह आयोजन भक्ति, विश्वास और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश देकर सभी के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर गया।

कसया में कुलगुरु बाबा संत गणिनाथ की पूजा से नववर्ष का शुभारंभ, महासभा कार्यालय में हुआ भव्य आयोजन

कसया। नववर्ष की पावन सुबह कसया स्थित मध्यदेशीय वैश्य महासभा के कार्यालय परिसर में कुलगुरु बाबा संत गणिनाथ जी की प्रतिमा पर विधिवत माल्यार्पण, पूजा–अर्चना कर श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ वर्ष का शुभारंभ किया गया। प्रार्थना का मूल भाव यही रहा कि पूरे वर्ष बाबा का आशीर्वाद समाज के प्रत्येक व्यक्ति और परिवार पर बना रहे तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों और समाजबंधुओं ने सामूहिक रूप से बाबा के चरणों में शीश नवाकर समाज, क्षेत्र और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि कुलगुरु के प्रति अटूट आस्था और नियमित पूजन समाज को एकजुट रखने के साथ नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

पूजन कार्यक्रम में प्रांतीय मंत्री प्रभात मद्धेशिया, जिला उपाध्यक्ष मोहनलाल प्रधान, जिला महामंत्री द्वारिका मद्धेशिया, अध्यक्ष पन्नालाल मद्धेशिया, संगठन मंत्री संतोष मद्धेशिया, श्री बच्चा मद्धेशिया, चन्द्रकेश्वर मद्धेशिया, अंगद मद्धेशिया, अजय मद्धेशिया सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। राष्ट्रीय मंत्री हीरालाल मद्धेशिया की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष प्रेरणा प्रदान की।
पूरे वातावरण में भक्ति, विश्वास और सामाजिक एकता की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

गोरखनाथ मंदिर में बाबा गणिनाथ के दर्शन से अभिभूत हुआ मद्धेशिया समाज, श्रद्धालुओं ने किया भावपूर्ण पूजन

गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर परिसर में मद्धेशिया समाज के श्रद्धालुओं ने गहन भक्ति भाव के साथ कुलगुरु बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर उनके चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। पावन वातावरण में “जय बाबा गणिनाथ” के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। इस अवसर पर तमकुही रोड निवासी विकास कुमार ने भी गोरखनाथ मंदिर में स्थित बाबा गणिनाथ जी की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थापित बाबा गणिनाथ जी की यह प्रतिमा मध्यदेशीय वैश्य महासभा की ओर से स्थापित की गई है, जो समाज की आस्था और एकता का सशक्त प्रतीक है।

नववर्ष के प्रथम दिन बाबा गणिनाथ भक्त मंडल और मध्यदेशीय वैश्य महासभा के आह्वान पर देशभर में मद्धेशिया समाज ने आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। वाराणसी के मुकीमगंज से लेकर बरहज, पड़रौना, कसया और गोरखपुर तक श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में बाबा गणिनाथ जी का दर्शन–पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सामूहिक पूजन, प्रसाद वितरण और भक्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के पदाधिकारियों ने नियमित पूजन, चालीसा पाठ और सहभोज से सामाजिक समरसता मजबूत करने का संदेश दिया। यह अभियान आस्था, संस्कार और सामाजिक चेतना का प्रेरक प्रतीक बना।

श्रद्धालुओं ने कहा कि कुलगुरु बाबा गणिनाथ जी के प्रति अटूट विश्वास जीवन में सद्बुद्धि, संस्कार और मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह आयोजन भक्ति, विश्वास और सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश देकर सभी के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर गया।

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