
- कचहरी परिसर में हिंसा : दारोगा मिथिलेश प्रजापति की हालत नाजुक
- पुलिस कमिश्नर ने घायल अधिकारी का हाल जाना, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश
- पुलिस महकमे में गहरा रोष ,पांच थानों की फोर्स तैनात, कचहरी छावनी में तब्दील
वाराणसी। कचहरी परिसर मंगलवार को तब तनावग्रस्त हो गया जब बड़ागांव थाना से विभागीय कार्य के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों पर वकीलों के एक गुट ने हमला कर दिया। इस घटना में सब इंस्पेक्टर मिथिलेश प्रजापति (35) और कोर्ट मुहर्रिर राणा प्रताप (28) समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें दारोगा मिथिलेश की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, बड़ागांव थाने से दरोगा मिथिलेश प्रजापति व अन्य पुलिसकर्मी कचहरी परिसर में विभागीय कार्य हेतु पहुंचे थे। इस दौरान किसी पुरानी रंजिश को लेकर अधिवक्ताओं से विवाद हुआ। देखते ही देखते वकीलों का समूह जुट गया और दारोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। लात-घूंसों और डंडों से हुई पिटाई में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ आए पुलिसकर्मियों को भी अधिवक्ताओं ने निशाना बनाया। घायल दारोगा को तत्काल BHU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका सीटी स्कैन कर इलाज शुरू किया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में गहरा रोष व्याप्त है।
परिसर छावनी में तब्दील
घटना के बाद पूरे कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पांच थानों की फोर्स मौके पर मौजूद है और हालात को नियंत्रण में लिया गया है। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बार पदाधिकारियों से वार्ता कर शांति बनाए रखने की अपील की।
कमिश्नर का बयान
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और चिकित्सकों से मुलाकात कर बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल अधिकारी का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
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