
पार्कों के सुंदरीकरण में लापरवाही पर दो फर्मों पर लगा चालीस हजार रुपये जुर्माना
वाराणसी में पार्कों के पुनर्विकास कार्यों में देरी और लापरवाही पर स्मार्ट सिटी प्रबंधन सख्त हो गया है। वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अशोक विहार, संजय नगर सहित अन्य पार्कों के कार्यों में सुस्ती पर दो फर्मों पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
वाराणसी : पार्कों के पुनर्विकास और सुंदरीकरण कार्यों में हो रही देरी व लापरवाही को नगर निगम वाराणसी ने गंभीरता से लिया है। इसको लेकर वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्य में शिथिलता बरतने वाली दो फर्मों पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है।
बजरंगबली एंटरप्राइजेज पर 15 हजार का जुर्माना
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अशोक विहार, संजय नगर समेत शहर के विभिन्न पार्कों के पुनर्विकास के लिए मई 2025 में मेसर्स बजरंगबली एंटरप्राइजेज से अनुबंध किया गया था। इस फर्म को फरवरी 2026 तक कार्य पूर्ण करना है, लेकिन अब तक कार्य की गति बेहद धीमी पाई गई।
इस पर स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता अमरेंद्र तिवारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए फर्म पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर मजदूरों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो सकें।
ईकोटोन सॉल्यूशंस पर 25 हजार का अर्थदंड
वहीं, लखनऊ स्थित मेसर्स ईकोटोन सॉल्यूशंस के खिलाफ विभाग ने और भी सख्त कार्रवाई की है। इस फर्म को भगवान दास पार्क, सिंधु नगर और छेदी लाल क्षेत्र के पार्कों का कायाकल्प जनवरी 2026 तक पूरा करना था, लेकिन निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
कार्य की सुस्त प्रगति के साथ-साथ गुणवत्ता और मानकों में भी कमी पाए जाने पर मुख्य अभियंता ने फर्म पर 25 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।
अब नहीं मिलेगी कोई रियायत
मुख्य अभियंता अमरेंद्र तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय अवधि में मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ अनुबंध की कठोर शर्तों के तहत और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट सिटी विभाग ने संबंधित अभियंताओं को भी निर्देश दिए हैं कि वे मौके पर मौजूद रहकर अवशेष कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को जल्द से जल्द विकसित और सुंदर पार्कों की सुविधा मिल सके।
जनता को जल्द मिलेगी सुविधा
नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि शहरवासियों को बेहतर हरित स्थल, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पार्कों के पुनर्विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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