
दुद्धी, सोनभद्र- आदिवासी नेता व पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड़ ने अपर मुख्य सचिव व निदेशक पंचायती राज उत्तर प्रदेश लखनऊ को पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें गलत आरक्षण को निरस्त करने तथा नियमानुसार सही आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2002 में उत्तर प्रदेश की आदिवासी जातियों में अनुसूचित जातियों की श्रेणी से 10 जातियों को जनजाति घोषित किया गया, किंतु आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई।
इस कारण जनजातियां त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव आदि से कई पंचवर्षीय चुनाव नहीं लड़ सके। पत्र में उल्लेख किया गया है की समस्त प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में से 14 जनपदों में अनुसूचित जनजाति सरकारी गजट में माना गया है।त्रिस्तरीय चुनाव वर्ष 2021 का प्रदेश में आरक्षण कार्य चल रहा है। जिसमें अनुसूचित जनजाति को शासनादेश के अनुसार घोषित 14 जनपदों को ध्यान में रखते हुए जनपद वार जनसंख्या अनुपात के क्रम में सीटों का आरक्षण करने हेतु संबंधित को आदेश निर्गत करने का आग्रह किया गया है। जिससे कि आदिवासी जनजातियों को न्याय हो। प्रतिनिधिमंडल में सपा विधान सभा दुद्धी अध्यक्ष जुबेर आलम, निरेन्द्र सिंह गोंड़ आदि लोग शामिल रहे।



