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चौकाघाट अवैध मछली मंडी के आठ विकेताओं के खिलाफ प्राथमिकी

वाराणसी के चौकाघाट क्षेत्र में मंदिरों के समीप अवैध रूप से संचालित मछली मंडी को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संतोष पाल ने आठ दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए चेतगंज थाने में तहरीर दी है। बिना लाइसेंस मछली बिक्री से गंदगी, दुर्गंध और जन-स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा था। पहले कार्रवाई के बावजूद दोबारा दुकानें खुलने पर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है।

वाराणसी। चौकाघाट स्थित मंदिरों के समीप घनी आबादी वाले क्षेत्र में अवैध मांस-मछली बिक्री के खिलाफ नगर निगम वाराणसी ने सख्त रुख अपनाया है। धार्मिक भावनाओं और जन-स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संतोष पाल ने शनिवार को चौकाघाट मछली मंडी में अवैध रूप से दुकान संचालित करने वाले आठ व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के लिए चेतगंज थाना प्रभारी को तहरीर सौंपी है।

धार्मिक भावनाओं व जन-स्वास्थ्य का दिया गया हवाला

नगर निगम द्वारा दी गई तहरीर में उल्लेख किया गया है कि चौकाघाट क्षेत्र में मकान संख्या S 11/78 के पास अवैध रूप से मछली मंडी का संचालन किया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाके में भारी गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। खास बात यह है कि इस मछली मंडी के लगभग 500 मीटर के दायरे में प्रसिद्ध मूंछ वाले हनुमान जी मंदिर स्थित है। ऐसे में अवैध दुकानों के कारण दर्शनार्थियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, साथ ही स्थानीय निवासियों और राहगीरों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

तहरीर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन दुकानदारों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए और चालान की कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रही। इसी क्रम में बीते 22 जनवरी को नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर अवैध मछली दुकानों को बंद कराया था। लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद आरोपियों ने दोबारा नियमों को ताक पर रखकर मछली की दुकानें खोल लीं।

इन पर दर्ज होगा मुकदमा

नगर निगम ने जिन व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है, उनमें कमाल भाई, चमरू, मो. सेराज, मो. आजाद, सोनू, मकसूद आलम, जुल्फिकार और वसीम शामिल हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार का व्यवसाय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सख्त कार्रवाई के संकेत

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता और कानून-व्यवस्था बनाए रखना निगम की प्राथमिकता है। अवैध मांस-मछली की बिक्री न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और जन-स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर की धार्मिक गरिमा और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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