
मोहद्दीपुर फ्लाईओवर हादसा: उमेश शर्मा के परिवार को 5 लाख की आर्थिक सहायता
गोरखपुर के मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे में मृत उमेश शर्मा के परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने परिजनों को चेक सौंपा। हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की भी मौत हुई थी। परिवार ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सरकारी सहायता की मांग की है।
- सीएम योगी के निर्देश पर डीएम ने सौंपा चेक, परिजनों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई और सरकारी मदद की उठाई मांग
गोरखपुर। मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर 4 मार्च को हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उमेश शर्मा के परिवार को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी दीपक मीणा रविवार को जेल रोड तिराहा स्थित मृतक के आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये का चेक परिजनों को सौंपा। इस दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह तथा सदर तहसील के एसडीएम दीपक गुप्ता भी मौजूद रहे।
मृतक उमेश शर्मा ब्रह्मदेव शर्मा के पुत्र थे और बिजली का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी संजू शर्मा (47 वर्ष), बेटी तान्या शर्मा (19 वर्ष) और पुत्र राजीव शर्मा (12 वर्ष) हैं। परिवार के लोगों के अनुसार उमेश शर्मा मेहनती और ईमानदार व्यक्ति थे, जो दिन-रात मेहनत कर अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करते थे। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों के अनुसार 4 मार्च की रात मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर गोल्डी निषाद की फॉर्च्यूनर कार से हुए हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उमेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल इलाज के लिए एम्स गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 5 मार्च को उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई राजेश शर्मा ने बताया कि उमेश परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाए, आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाए और दोनों बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए जिम्मेदार आरोपी गोल्डी निषाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानून लागू होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को तत्काल पीड़ित परिवार की मदद करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और विधायक विपिन सिंह ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से जो भी संभव सहायता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बच्चों की शिक्षा और परिवार की अन्य जरूरतों को लेकर भी प्रशासन संवेदनशील है।
बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय संत कबीर नगर जनपद के निवासी थे। उनके परिवार को वहां के जिलाधिकारी द्वारा पहले ही पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। आकाश पांडेय एक होनहार छात्र थे और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार और गांव में गहरा शोक है।
इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद मंता लाल, क्षेत्रीय लेखपाल राम कुमार गुप्ता सहित कई स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मोहद्दीपुर फ्लाईओवर पर हुए इस हादसे ने जहां एक परिवार का सहारा छीन लिया, वहीं एक होनहार छात्र की जिंदगी भी समाप्त हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त नियम और निगरानी व्यवस्था लागू की जाए तो ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।
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