- एनएसडब्ल्यू पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने जताया शोक; भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए
सिडनी :ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) राज्य की राजधानी सिडनी के विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बोंडी बीच पर रविवार को हुई भीषण गोलीबारी की घटना ने न केवल सिडनी बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर कर रख दिया है। रोज़ बे क्षेत्र के समीप स्थित इस समुद्रतट पर उस समय दहशत फैल गई, जब अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कई लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि देर शाम तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
घटना के समय बोंडी बीच पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी मौजूद थे। रविवार होने के कारण समुद्रतट पर सामान्य से कहीं अधिक भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी, जिससे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही चारों ओर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, कई लोग जमीन पर लेट गए और कुछ ने आसपास की दुकानों, कैफे और इमारतों में शरण ली।
स्थानीय समाचार पत्र ‘सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड’ ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि घटनास्थल पर 50 से अधिक गोलियां चलने की आवाज़ सुनी गई। अख़बार ने स्थानीय निवासी हैरी विल्सन के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिन्होंने बताया कि उन्होंने कई लोगों को ज़मीन पर गिरा हुआ देखा और चारों ओर खून फैला हुआ था। विल्सन के अनुसार, “यह दृश्य बेहद डरावना था। लोग चीख रहे थे, कुछ घायल मदद के लिए पुकार रहे थे और हर तरफ अराजकता का माहौल था।”
घटना की सूचना मिलते ही न्यू साउथ वेल्स पुलिस, विशेष हथियार एवं रणनीति इकाई (SWAT), आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने पूरे बोंडी बीच और आसपास के क्षेत्रों को घेराबंदी कर सील कर दिया। समुद्रतट को खाली कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।
एनएसडब्ल्यू पुलिस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हिरासत में लिए गए लोग सीधे तौर पर हमले में शामिल हैं या उन्हें पूछताछ के लिए रोका गया है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं और फॉरेंसिक टीमें सबूत जुटाने में लगी हुई हैं।
पुलिस ने बोंडी बीच के आसपास रहने वाले नागरिकों और वहां मौजूद लोगों से सुरक्षित स्थानों में शरण लेने और अगले आदेश तक बाहर न निकलने का अनुरोध किया। इसके साथ ही, क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मोबाइल फोन पर आपातकालीन अलर्ट संदेश भी भेजे गए, जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
इस गंभीर घटना पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार इस संकट की घड़ी में पूरी तरह प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “बोंडी बीच से सामने आ रही तस्वीरें बेहद हैरान करने वाली और दिल दहला देने वाली हैं। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं और लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं। मेरी संवेदनाएं इस भयावह घटना से प्रभावित हर व्यक्ति और उनके परिवारों के साथ हैं।”
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने बताया कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) के कमिश्नर और न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस मामले में समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे एनएसडब्ल्यू पुलिस के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा एजेंसियों को अपना काम करने दें।
न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रीमियर ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ितों के इलाज और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
घटना के बाद सिडनी के कई प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एम्बुलेंस सेवाओं ने घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीमें इलाज में जुटी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि कई को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
बोंडी बीच, जो आमतौर पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सुकून और मनोरंजन का प्रतीक माना जाता है, रविवार को भय और सन्नाटे में डूबा नजर आया। समुद्रतट पर फैली रेत, जो आम दिनों में खेल और आनंद का केंद्र होती है, उस दिन अपराध स्थल में तब्दील हो गई। पुलिस की पीली टेप, हथियारबंद जवान और आपातकालीन वाहन पूरे इलाके में दिखाई दिए।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में इस तरह की सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं, क्योंकि देश में कड़े हथियार कानून लागू हैं। ऐसे में बोंडी बीच जैसी सार्वजनिक जगह पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जांच के दौरान यह पता लगाना बेहद अहम होगा कि हमलावरों ने हथियार कैसे हासिल किए और उनका उद्देश्य क्या था।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इस हमले की निंदा करते हुए पीड़ितों के लिए प्रार्थना की, वहीं कुछ ने सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। सरकार और पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अप्रमाणित वीडियो और तस्वीरें साझा न करें, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है और अनावश्यक डर फैल सकता है।
फिलहाल, एनएसडब्ल्यू पुलिस हमले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, घटना से जुड़ी और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
इस घटना ने न केवल सिडनी बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा, सार्वजनिक स्थलों की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आम नागरिकों से लेकर राजनीतिक नेतृत्व तक, सभी इस बात पर एकमत दिखाई दे रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
बोंडी बीच गोलीबारी की यह घटना ऑस्ट्रेलिया के हालिया इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो सकती है। देश और दुनिया की निगाहें अब जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे कितनी जल्दी इस हमले की सच्चाई सामने लाती हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने में सफल होती हैं।(वार्ता)
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