
कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मिली मंजूरी ,15 से 21 मार्च तक नागपुर में लॉकडाउन
कोविशील्ड की तरह कोवैक्सीन का भी हो सकेगा इस्तेमाल: स्वास्थ्य मंत्रालय
कोविड-19 को लेकर किए गए कार्यों, तैयारियों और ताजा अपडेट की जानकारी देने के लिए नई दिल्ली स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में गुरुवार शाम स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने जानकारी दी कि देश में अब कोरोना के सक्रिय मामले केवल 1.6 % ही रह गए हैं जबकि मृत्यु दर केवल 1.4 % है, वहीं अभी तक 97 फीसदी लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं।
A decisive turning point to strengthen a spirited fight!
DCGI granting approval to vaccines of @SerumInstIndia and @BharatBiotech accelerates the road to a healthier and COVID-free nation.
Congratulations India.
Congratulations to our hardworking scientists and innovators.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 3, 2021
बड़ी बात यह है कि देश में अब तक कोरोना से 1 करोड़ 9 लाख 38 हजार 146 लोग ठीक हो चुके हैं। मगर साथ ही स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का यह भी कहना है कि कोविड के मामले पहले की अपेक्षा थोड़े बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा देश में सक्रिय कोविड मामलों में बढ़ोतरी तो हुई लेकिन मृत्यु दर अब भी कम है। देश में 1.89 लाख सक्रिय कोविड मामले हैं। औसतन कोविड से रोजाना 108 मौतें हो रही हैं।
It would make every Indian proud that the two vaccines that have been given emergency use approval are made in India! This shows the eagerness of our scientific community to fulfil the dream of an Aatmanirbhar Bharat, at the root of which is care and compassion.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 3, 2021
15 से 21 मार्च तक नागपुर में लॉकडाउन
उधर, कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों के कारण महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला लिया है कि नागपुर में 15 से 21 मार्च तक कड़ा लॉकडाउन लगेगा। बता दें सबसे ज्यादा सक्रिय कोविड मामले वाले 10 जिलों में से 8 महाराष्ट्र के हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा महाराष्ट्र में बढ़ते मामलों को लेकर चिंता है। इसलिए कोविड को लेकर ढिलाई बिलकुल न बरतें। कोविड में बढ़ोतरी वाले जिले टीकाकरण में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार अभी खत्म नहीं हुआ है।
इन राज्यों में कोरोना के मामलों में आई कमी
स्वास्थ्य सचिव ने कहा, केरल में सक्रिय कोविड मामलों में कमी आई है। साथ ही साथ यूपी, पश्चिम बंगाल में भी सक्रीय मामलों में कमी आई है। जबकि महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, गुजरात में सक्रीय कोविड मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
देश में अब तक 2 करोड़ 56 लाख से अधिक लोग लगवा चुके कोरोना वैक्सीन
देश में अभी तक 2 करोड़ 56 लाख (2,56,90,545) लोगों को कोविड से बचाव के विए वैक्सीन दी जा चुकी है। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि निजी सेक्टर की भागीदारी की बदौलत टीकाकरण में तेजी आई। करीब 29% टीकाकरण निजी अस्पतालों में हुआ। अगर क्षमता हो तो निजी अस्पताल सातों दिन 24 घंटे टीकाकरण कर सकते हैं।
अब कोविशील्ड की तरह कोवैक्सीन का होगा आपातकाल उपयोग
स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी अस्पतालों में राज्य हफ्ते में कम से कम चार दिन टीकाकरण करें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 0.00025% लोगों को टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी बताया कि कोवैक्सीन को आपातकाल उपयोग की मंजूरी मिली है। जानकारी के मुताबिक इस बाबत ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया(डीसीजीआई) ने भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन के तीसरे चरण के सफल परीक्षण के बाद आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है। ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया द्वारा गठित विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र पैनल की विषय विशेषज्ञ समिति ने भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के इस्तेमाल की आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी। अब कोविशील्ड की तरह कोवैक्सीन का भी आपातकाल उपयोग किया जा सकेगा।
We reiterate our gratitude to doctors, medical staff, scientists, police personnel, sanitation workers and all Corona warriors for the outstanding work done, that too in adverse circumstances. We will remain eternally grateful to them for saving many lives.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 3, 2021
देश में अब तक दिए जा चुके कोवैक्सीन के 19 लाख डोज
प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि कोवीशील्ड की तरह अब स्वदेशी कोवैक्सीन ने भी तीसरे चरण के ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कोवैक्सीन के परीक्षण के अंतिम चरण के अंतरिम डेटा स्वीकार किए गए हैं। देश के लिए यह हर्ष का विषय है कि स्वदेशी वैक्सीन भी अब कोविशील्ड व अन्य वैक्सीन के श्रेणी में आ गया है। अबतक देश में कोवैक्सीन के 19 लाख डोज दिए जा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि देश में मौजूदा समय में जनवरी के महीने से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई थी। कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल पर विपक्ष द्वारा प्रश्न भी उठाए जा रहे थे कि तीसरे चरण के ट्रायल के बिना ही कैसे कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसके बाद तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे घोषित किए गए जिसमें स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन 81 प्रतिशत तक कोरोना को रोकने में असरदार पाई गई है। अब इसके रेगुलर इस्तेमाल के लिए इसे मंजूरी दे दी गई है।



