चुनाव मोदी के राष्ट्रभक्तिपूर्ण नेतृत्व, परिवारवादी गठबंधन के बीच: शाह
सरकार जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध-शाह
सिलवासा : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि आगामी आम चुनाव में मतदाताओं को मोदी के राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नेृतृत्व और परिवारवादी दलों के गठबंधन में से एक का चुनाव करना है।श्री शाह ने यहां आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राम मंदिर के निर्माण और धारा 370 को निरस्त करने सहित देश की जनता से जो वायदे किए थे उसे पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारत को विश्व की बड़ी अर्थिक ताकत बनाने में लगी है जबकि वर्तमान विपक्ष जब सत्ता में था, भ्रष्टाचार में लिप्त था। इस कार्यक्रम में उन्होंने संघशासित प्रदेश दमन और दीव में लगभग 2448 करोड़ रूपए की 53 विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया तथा सभा को संबोधित किया।इस अवसर पर दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल और केन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
श्री शाह ने कहा कि आज देश चुनाव की दहलीज़ पर खड़ा है और देश की जनता के सामने दो विकल्प हैं – एक ओर देशभक्ति से ओतप्रोत नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व और दूसरी ओर सात परिवारवादी पार्टियों का गठबंधन। उन्होंने कहा कि देश की जनता को तय करना है कि उसे भारत को दुनिया के पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी का शासन चाहिए या 12 लाख करोड़ रूपए के घपले-घोटाले करने वालों का शासन।उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचारियों, परिवारवादियों और 2जी, 3जी और 4जी वाले लोगों का जमघट है जो और किसी को मौका ही नहीं देते।श्री शाह ने वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने पिछले 10 साल में इतनी विकास परियोजनाएं शुरू की हैं कि अगर उनकी गिनती की जाए तो एक बहुत लंबी सूची बन जाएगी।
गृहमंत्री ने इस कार्यक्रम में रिमोट कंट्रोल के माध्यम से सिलवासा में 191 करोड़ रूपए की लागत से दमन की दस परियोजनाओं, 340 करोड़ रूपए की लागत की दीव की दस परियोजनाओं और 1916 करोड़ रूपए की लागत से दादरा और नगर हवेली की 33 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।श्री शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में देश के लगभग 100 करोड़ लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई सरकार चुनेंगे। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत काम करना मोदी की गारंटी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, गरीबों और पिछड़ों को जीवन की मूलभूत सुविधाएं देने का काम किया है।उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश की जनता से अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनाने का वायदा किया था और उसे पूरा किया। इसी तरह जम्मू-कश्मीर में धारा 370 समाप्त किया गया। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश से नक्सलवाद, आतंकवाद और उग्रवाद को समाप्ति की कगार पर लाने का काम किया है।
श्री मोदी ने सेना के जवानों के लिए वन रैंक, वन पेंशन का वादा भी पूरा किया। संसद और विधानसभाओं में मातृशक्ति के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का काम इसी सरकार ने किया। श्री शाह ने कहा कि तीन तलाक को समाप्त करने के साथ-साथ मोदी सरकार ने देश में कई अन्य युगांतरकारी काम किए।गृह मंत्री ने कहा कि श्री मोदी ने श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के रूप में एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाया और अन्य पिछड़ा वर्ग कमीशन को संवैधानिक दर्जा देकर पिछड़े समाज का सम्मान किया। उन्होंने बाबा साहेब का पंचतीर्थ बनाकर देश के दलितों को गौरवान्वित करने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने ही अंग्रेज़ों द्वारा बनाए गए तीनों आपराधिक कानूनों को बदलने का काम भी किया।
सरकार जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध-शाह
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दमन में गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की।गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा और श्री निशिथ प्रमाणिक, समिति के 11 सदस्य, केन्द्रीय गृह सचिव, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स के महानिदेशकों ने बैठक में भाग लिया। समिति ने जम्मू-कश्मीर के विकास और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है और सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।चर्चा के दौरान यह उल्लेख किया गया कि 06 अगस्त 2019, जम्मू-कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक दिन था जब भारतीय संसद ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का निर्णय लिया। इसके साथ, हमारे देश के नागरिकों को प्राप्त सभी संवैधानिक प्रावधानों को जम्मू और कश्मीर के लिए भी उपलब्ध कराया गया, जिनमें शिक्षा का अधिकार, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम जैसे प्रगतिशील कानून शामिल थे। ये कानून केंद्रशासित प्रदेश में पूरी तरह से लागू किए गए हैं। इन कानूनों के लागू होने से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी को समानता और निष्पक्षता की गारंटी मिली है।
नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।इसके साथ ही बिजली उत्पादन, इसके वितरण, सिंचाई योजनाओं, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क-रेल-हवाई परिवहन, पर्यटन, रोजगार आदि क्षेत्रों में भी पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। इसके अलावा, जम्मू और कश्मीर में शासन के विकेंद्रीकरण के लिए धन, कार्य और पदाधिकारी प्रदान कर पंचायती राज संस्थानों को मजबूत किया गया। इन पहलों से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।अनुच्छेद 370 को निरस्त करना केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में एक परिवर्तनकारी कदम साबित हुआ है, जिससे विकास, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक आयामों में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। पथराव और संगठित हड़तालें अतीत की बात हो गई हैं। गृह मंत्रालय त्वरित और समावेशी विकास के पथ पर आगे बढ़ने और जम्मू-
कश्मीर के लोगों को उनके भविष्य को आकार देने और नई आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार भारत की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों से निपटने और कानून और व्यवस्था बनाए रखने में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा किए गए शानदार काम की सराहना की। श्री शाह ने इस बात को भी दोहराया कि सीएपीएफ-कर्मियों और उनके परिजनों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गृह मंत्री ने सभी अधिकारियों से प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विज़न को हासिल करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने का आह्वान किया।(वार्ता)



