पहले ‘आश्वासन पर आश्वासन’ मिलता था, अब ‘सौगात पर सौगात’ मिलती हैः मुख्यमंत्री
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले विकास के नाम पर आश्वासन पर आश्वासन मिलता था, अब आमजन को सौगात पर सौगात मिल रही है। दीपावली और छठ से पहले काशी को नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सहित दो मेमू सेवाओं की सौगात मिली। नई ट्रेन से दिल्ली का सफर 8-9 घंटे में पूरा होगा। बनारस-राजातालाब और बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू सेवाओं से यात्रियों, छात्रों, अधिवक्ताओं और व्यापारियों को सस्ती यात्रा सुविधा मिलेगी।
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था जब रेलवे और विकास के नाम पर जनता को आश्वासन पर आश्वासन मिलता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आमजन को सौगात पर सौगात मिल रही है। दीपावली और छठ पर्व से पहले काशीवासियों को आधुनिक रेल सुविधाओं की बड़ी सौगात देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय रेल आज केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि नए भारत की विकास यात्रा, आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय एकता का मजबूत माध्यम बन चुकी है। वाराणसी की पावन धरती से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली-बनारस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू ट्रेन और बनारस-राजातालाब मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन नई रेल सेवाओं से पूर्वांचल के लाखों यात्रियों, श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
आश्वासन के दौर से सौगातों के दौर तक पहुंचा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने दिनों का स्मरण करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास की मांग उठाने पर तारीख पर तारीख और आश्वासन पर आश्वासन मिलता था। कभी प्रदेश में आधा ब्रॉडगेज और आधा मीटरगेज रहता था। रेलवे की समस्याओं को संसद में उठाने के बावजूद समाधान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से उत्तर प्रदेश की सभी रेलवे लाइनें ब्रॉडगेज हो चुकी हैं और उनका विद्युतीकरण भी पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि अश्विनी वैष्णव ने गरीब, बुजुर्ग और आम भारतीय की सवारी भारतीय रेल को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया है। आज देश में नमो भारत, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं। स्वदेशी कोच निर्माण की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ रही है। भारतीय रेल में केवल नई ट्रेनों का संचालन ही नहीं हो रहा, बल्कि यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, गति और बुनियादी ढांचे को भी व्यापक स्तर पर विकसित किया जा रहा है।
13-14 घंटे की जगह अब 8-9 घंटे में पहुंचेगी काशी से दिल्ली
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली-बनारस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पहले वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में रेल यात्रियों को 13 से 14 घंटे तक का समय लगता था, लेकिन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह सफर महज 8 से 9 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे यात्रियों के समय और श्रम दोनों की बचत होगी।उन्होंने बताया कि 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वाराणसी के बीच देश की पहली वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ किया था। उस समय यात्रियों को चेयर कार में बैठकर यात्रा करनी होती थी, लेकिन अब स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ से लंबी दूरी की रात की यात्रा भी अधिक आरामदायक हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक राजधानी काशी से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को जोड़ने वाली यह यात्रा सुखद और मंगलमय होगी। इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच लगाए गए हैं, जिनमें एक साथ 823 यात्री यात्रा कर सकते हैं। ट्रेन में आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, जिससे विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलेगा।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि काशी को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के साथ ही उत्तर भारत में बुलेट ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना को भी मंजूरी मिली है।
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन से साढ़े तीन घंटे में पूरी होगी दूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार हो चुकी है। इसके शुरू होने से दिल्ली से काशी की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। यह यात्रा हवाई जहाज की तुलना में अधिक सरल, सुगम और सस्ती होगी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन से देश की राष्ट्रीय राजधानी और आध्यात्मिक राजधानी के बीच संपर्क और मजबूत होगा। इससे पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल जिस तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है, उसके सकारात्मक परिणाम हर क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं।
95 और 220 रुपये में महीनेभर की यात्रा, आम यात्रियों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने बनारस-राजातालाब और बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू सेवाओं को आमजन के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि काशी में सार्वजनिक परिवहन के रूप में रेलवे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजातालाब तक मेमू ट्रेन का संचालन स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि बनारस से राजातालाब तक महीनेभर की यात्रा के लिए मात्र 95 रुपये का मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) उपलब्ध होगा। किसान, नौजवान, अधिवक्ता, व्यापारी और विद्यार्थी सहित हर वर्ग के नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
इसी प्रकार काशी से प्रयागराज रामबाग तक महीनेभर की यात्रा के लिए एमएसटी मात्र 220 रुपये में उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति एक दिन में चाय-पान और अपने छोटे-मोटे खर्चों पर जितनी राशि खर्च करता है, उतने में रेलवे उसे पूरे महीने सुरक्षित यात्रा की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।उन्होंने कहा कि काशी और प्रयागराज दोनों ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी हैं। इनके बीच मेमू सेवा शुरू होने से लाखों श्रद्धालुओं, प्रयागराज स्थित उच्च न्यायालय जाने वाले अधिवक्ताओं और वादकारियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। यह दो आध्यात्मिक नगरों को जोड़ने वाला अभिनव प्रयास है।
मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग की समस्या खत्म, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
मुख्यमंत्री ने रेलवे के सुरक्षा संबंधी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग बड़ी चुनौती हुआ करती थी। रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन और मालगाड़ियों की टक्कर से अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान चली जाती थी। कई बार पशु भी इन दुर्घटनाओं की चपेट में आ जाते थे।
आज ऐसी क्रॉसिंगों पर रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास बनाकर दुर्घटनाओं को रोकने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। यह जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि रेलवे में सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से यात्रियों के समय और श्रम की बचत हो रही है। भारतीय रेल आज देश की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित कर रही है।
157 रेलवे स्टेशन आधुनिक स्वरूप में विकसित
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। इन स्टेशनों पर स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी स्थान दिया गया है।उन्होंने कहा कि काशी के रेलवे स्टेशन पर शहर की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक स्वरूप दिखाई देता है। आज आधुनिक रेलवे स्टेशन देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में प्रवेश कर रहे हों।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले रेलवे पटरियों और स्टेशनों पर गंदगी और बदबू की समस्या रहती थी। आज स्वच्छ भारत अभियान का प्रभाव रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और कोचों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आधुनिक टॉयलेट, साफ-सफाई और बेहतर यात्री सुविधाओं ने रेलवे की तस्वीर बदल दी है।उन्होंने कहा कि विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार के पास साफ नीयत, स्पष्ट नीति और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का विजन है।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से व्यापारियों को लाभ
मुख्यमंत्री ने माल परिवहन के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी उत्तर प्रदेश में तय हो रही है। इस कॉरिडोर ने मालगाड़ियों के लिए अलग रेल लाइन उपलब्ध करा दी है।
उन्होंने कहा कि पहले कोलकाता से काशी तक माल पहुंचने में कई दिन लग जाते थे। इससे व्यापारियों का सामान और कच्चा माल खराब होने की आशंका रहती थी। अब मालगाड़ियों के लिए अलग लाइन होने से सामान सुरक्षित और समय पर पहुंच रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मालगाड़ियां कछुए की चाल से चलती थीं, लेकिन अब अलग फ्रेट कॉरिडोर के कारण उनकी गति बढ़ी है। इससे रेलवे के यात्री और माल परिवहन दोनों की क्षमता में वृद्धि हुई है। सिंगल लाइन की जगह डबल लाइन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से देश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत का दर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में नए भारत का दर्शन हो रहा है। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने कहा कि पटेल जी ने 563 से अधिक रियासतों को भारत के गणराज्य का हिस्सा बनाकर अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।उसी प्रकार भारतीय रेल उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक पूरे देश को एकता के सूत्र में जोड़ रही है। रेलवे राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है।उन्होंने कहा कि भारतीय रेल का आधुनिकीकरण केवल ट्रेनों की गति बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत कर रहा है।
काशी में आधुनिक सुविधाओं, सड़क और एयरपोर्ट का विस्तार
मुख्यमंत्री ने काशी के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज शहर में आधुनिक सुविधाओं, नई रेल कनेक्टिविटी, सड़कों और एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेजी से हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम और अन्य तीर्थस्थलों के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी काशी की पहचान केवल उसके घाटों के नाम पर होती थी, लेकिन आज घाटों का भी अत्याधुनिक स्वरूप दिखाई देता है। शहर में विकास के साथ-साथ उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी आगमन का उल्लेख करते हुए कहा कि नमो घाट पर आयोजित एयरशो में काशी और आसपास के लगभग 25 लाख लोगों ने नए भारत की तस्वीर देखी। इस आयोजन के माध्यम से देश की रक्षा सेनाओं के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य और भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास काम करने की इच्छाशक्ति होती है, तो हर कार्य आसान हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस विजन और कार्यक्षमता के साथ देश को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है, उसके सकारात्मक परिणाम हर क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई ट्रेनों के भीतर जाकर सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों और लोको पायलट से बातचीत की। एक बच्चे ने ट्रेन को लेकर बनाई अपनी आकर्षक पेंटिंग दोनों नेताओं को भेंट की, जिस पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी दी।
कार्यक्रम में प्रयागराज से वर्चुअल माध्यम से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जुड़े। वाराणसी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत प्रशासक पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, अन्नपूर्णा सिंह, विनीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली और छठ से पहले काशीवासियों को मिली ये रेल सुविधाएं आमजन के जीवन को आसान बनाने के साथ ही पूर्वांचल के विकास को नई गति प्रदान करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय रेल आज आधुनिक भारत की नई पहचान बन चुकी है।
यूपी के सभी 75 जिलों में बनेंगे सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन: सीएम योगी



