
दुद्धी, सोनभद्र : जागरूकता के अभाव में गांवों में प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी से बचाव के लिए कराये जा रहे वैक्सिनेशन अभियान की रफ्तार काफी धीमी दिखी। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा एक जून से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों के लिए वैक्सिनेशन की शुरुआत करा दी गयी। लोगों की सुविधा एवं अत्यधिक भीड़ भाड़ से बचाव के लिए कई सब सेंटर भी बनाये गये हैं, ताकि लोग आसानी पूर्वक वैक्सीन की डोज ले सकें। लेकिन दुर्भाग्य है इस क्षेत्र के अधिकांश गांवों का जो कि जागरूकता के अभाव में दरवाजे तक आई सुविधा का लाभ लेने के लिए लोग आगे नही आ सके। यहां यह बताना मुनासिब होगा कि देश भर में वैक्सिनेशन जागरूकता के कारण कई राज्यों में वैक्सीन की आपूर्ति कम होने के कारण लोगों को वैक्सीन नही लग पा रही है। दिल्ली समेत कई राज्यों में लोग दिन-दिन भर लाईन में लगकर वापस हो रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में महामारी से बचाव के लिए बड़े पैमाने पर चलाये जा रहे वैक्सिनेशन अभियान के प्रति लोगों की रुझान कम काफी कम दिखी। जबकि पूरे दिन वैक्सिनेशन सेंटरों पर एसडीएम रमेश कुमार, सीओ राम आशीष यादव, बीडीओ, चिकित्सा अधीक्षक समेत कई अधिकारी चक्रमण कर लोगों को जागरुक करते नजर आये। लोगों की हौसला अफजाई के लिए विधायक हरीराम चेरो भी कई सब सेंटर पहुंचे।उन्होंने ग्रामीणों से कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्सीन लगवाने को कहा और टीका लगवा लेने वालों को सर्टिफिकेट प्रदान की। बावजूद इसके दो-ढाई दर्जन सेे अधिक लोग टीकाकरण के लिए कहीं नही पहुंचे। वैक्सिनेशन के खिलाफ लोगों में दुष्प्रचार ज्यादा सुनने को मिला। इससे बचने वाले ग्रामीणों की माने तो वैक्सीन लगाने से लोग बीमार पड़ते हैं और मर जाते हैं। इसी कारण वे वैक्सीन लगवाने से भाग रहे हैं। जबकि कोरोना की तीसरी लहर का भय सिर पर मंडरा रहा है। यदि वैक्सिनेशन की रफ्तार बढ़ानी है तो योजनाबद्ध तरीके से गांव के लोगों को जागरुक करना होगा।



