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बनफुलपुरा के अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें : धामी

हाई अलर्ट : पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला मोर्चा,फायरिंग में 5 की मौत

देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी के बनफुलपुरा क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून और व्यवस्था ए.पी अंशुमान को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान, पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की घटना को सख्ती से लेते हुए अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त करवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, नैनीताल से निरंतर समन्वय बनाकर रखें। उन्होंने एडीजी, कानून व्यवस्था और जिलाधिकारी, नैनीताल को घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई कर क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है।उन्होंने कहा आगजनी और पथराव करने वाले एक-एक दंगाई की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त से सख्त करवाई की जाये।इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव/ एडीजी अमित सिन्हा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव, जे. सी कांडपाल उपस्थित थे।(वार्ता)

हाई अलर्ट : पैरामिलिट्री फोर्स ने संभाला मोर्चा,फायरिंग में 5 की मौत

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। इस दौरान 5 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है।हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह रामनगर कोतवाल समय 300 से अधिक पुलिसकर्मी और निगम कर्मी घायल हो गए।

उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना भी फूंक दिया। पुलिस की जीप जेसीबी दमकल की गाड़ी समेत कई दुपहिया वाहन फूंक दिए गए। आंसू गैस के गोले दागने और लाठी चार्ज के बाद भी जब हालात काबू में नहीं आए तो सबसे पहले अधिकारी जान बचाने के लिए मौके से भाग गए। पुलिस व निगम टीम जैसे तैसे वहां से निकली। प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही पैर में गोली मारने के आदेश दिए। पिता पुत्र समेत छह लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया।पुलिस सुरक्षा में नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार शाम करीब 4 बजे मलिक के बगीचे में बने अवैध मदरसे व धर्म स्थल को ढहाने के लिए पहुंची थी। जेसीबी जैसे ही अवैध धर्मस्थल की ओर बड़ी आसापास के लोग भड़क गए और पथराव कर दिया। पुलिस और निगम की टीम तीनों ओर से घिर गई।

पथराव के बीच लोगों ने जेसीबी तोड़ दी और पुलिस की जीप समेत कई वाहनों में आग लगा दी। पथराव में 150 के करीब पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया। लेकिन छतों से हो रहे पथराव के बीच पुलिस कर्मियों के लिए मुश्किल हो रही थी। पुलिस अंदर ना आ पाए इसके लिए उपद्रवियों ने गलियों के आगे टायर जलाकर रास्ता रोक दिया। पुलिस उपद्रवियों से निपट ही रही थी तभी दूसरी ओर कुछ लोगों ने बनभूलपुरा थाना फूंक दिया। अफसरों के वहां से निकलने से नेतृत्वविहीन हुई पुलिस व निगम की टीम वहां से किसी तरह बचते बचाते हुए निकली।

350 से अधिक बार हुई हवाई फायरिंग
मलिक के बगीचे के चारों ओर से पथराव में फंसने के बाद किसी तरह पुलिस फोर्स यहां से निकलकर मुख्य सड़क पर पहुंच सकी। मगर यहां भी बनभूलपुरा थाने को आग के हवाले कर दिया गया था। आग बुझाने पहुंचे दमकल वाहन को भी उपद्रवियों ने आग लगा दी। जिसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों को तितर बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की। इस दौरान एके 47, एसएलआर और पिस्टल से पुलिस ने करीब सैकड़ों राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद भी पथराव होने पर पैरों में गोली मारी जाने लगी। जानकारी के अनुसार उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस टीम ने 350 राउंड से अधिक बार फायरिंग की। जिसके बाद लोग मौके से इधर उधर होने लगे।

दूसरे जिलों से आई पुलिस को नहीं था हालात का अंदाजा
बनभूलपुरा की तंग गलियों में उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अंदर घुस रही पुलिस फोर्स उनके ही जाल में फंसती नजर आई। घरों की छतों से पुलिसकर्मियों पर लगातार पथराव होता रहा। बमुश्किल गलियों से बचते-बचाते पुलिसकर्मी किसी तरह मुख्य सड़क पर आ सके। जानकारों की मानें तो बनभूलपुरा में भेजी गई पुलिस फोर्स दूसरे जिलों या अन्य थानों से आई थी जिन्हें इस इलाके का अंदाजा तक नहीं था। अधिकारियों के आदेश का पालन पूरा करने के लिए फोर्स अंदर तो घुस गई, लेकिन वह चक्रव्यूह में फंस गई, जिस कारण जान भी सांसत में आ गई।

संवेदनशील जगहों पर बढ़ाई गश्त
बवाल के बाद पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। जिले में मिश्रित आबादी वाले थाना क्षेत्रों में संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही दो कंपनी, दो प्लाटून पीएसी को हल्द्वानी भेजा गया है।ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक पर सुनवाई 14 को मलिक का बगीचा और अच्छन का बगीचा क्षेत्र में अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 14 फरवरी को होगी। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने मामले की सुनवाई की।

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