मुंबई : महाराष्ट्र शासन की बागडोर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र सरिता गंगाधरराव फडनवीस के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी हो चुकी है। शपथग्रहण समारोह यहां ऐतिहासिक आजाद मैदान में होगा।राज्य के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन श्री फडनवीस को गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। श्री फडनवीस का यह मुख्यमंत्री पद के लिए तीसरा शपथ-ग्रहण होगा, लेकिन यह उनकी वास्तविक अर्थों में पूर्ण बहुमत वाली दूसरी सरकार होगी। वह पहली बार 2014-19 तक मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यािरी ने उन्हें आनन-फानन में मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई थी पर विधानसभा सदस्यों का पर्याप्त समर्थन न होने के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
श्री फडनवीस ने बुधवार को महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद महायुति गठबंधन के घटक दलों के नेताओं के साथ यहां राजभवन में राज्यपाल को समर्थन की चिठ्ठी दी और नयी सरकार बनाने का दावा पेश किया।श्री फडनवीस के साथ राज्यपाल से मिलने गये नेताओं में शिव सेना के नेता एवं पूर्व निर्वतमान एकनाथ शिंदे और महायुति गठबंधन के तीसरे बड़े भागीदार एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजीत पवार तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।इससे पहले श्री फडनवीस को भाजपा के केन्द्रीय पर्यवेक्षक श्रीमती सीतारमण और श्री रूपाणी की निगरानी में पार्टी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया। उसके बाद महायुति गठबंधन के सदस्यों और नेताओं की एक अलग से बैठक हुई और वहां से गठबंधन के वरिष्ठ नेता श्री फडनवीस के साथ नयी सरकार के गठन का दावा करने के लिए राजभवन पहुंचे।
श्री फडनवीस ने राज्यपाल को सहयोगी दलों नेताओं के समर्थन की चिट्ठी सौंपी।श्री राधाकृष्णन ने श्री फडनवीस को गुरुवार शाम पांच बजे शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। शपथग्रहण समारोह मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में आयोजित किया जाएगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उपस्थित होंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार वाले मुख्यमत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है।राज्यपाल से मिलने के बाद श्री फडनवीस ने संवाददाताओं से कहा कि महायुति ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उन्होंने शिवसेना नेता शिंदे का आभार व्यक्त किया और कहा, “उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए मेरे नाम का समर्थन किया है। राकांपा नेता अजीत पवार ने भी मेरे नाम की सिफारिश की।
कल शाम 5.30 बजे आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा।”उन्होंने सीएम, डिप्टी सीएम (मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री) की बात पर कहा, “यह सिर्फ तकनीकी बातें हैं। पिछले ढाई साल में हमने साथ मिलकर काम किया है। आगे भी हम सब मिलकर अच्छी सरकार देने का प्रयास करेंगे।” उन्होंने कहा कि महायुति सरकार जनता से किए गए वायदों तथा राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प पूरा करेगी।उन्होंने पार्टी की ओर से फिर नेतृत्व का अवसर मिलने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ निभाने वाले रामदास अठावले, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।”उप-मुख्यमंत्री की शपथ पर पूछे गए एक सवाल पर श्री पवार ने विनोदपूर्ण लहजे में कहा, “कोई ले रहा है, या नहीं, ये अलग बात है। इन लोगों का शाम तक तय होगा पर मैं तो कल शपथ ले रहा हूं यह तय है।” इस पर शिंदे ने उसी लहजे में कहा, “अजित दादा को दिन में और शाम को शपथ लेने का अनुभव है।
”श्री फडनवीस ने कहा, “हम तीनों नेता एक हैं। और कौन-कौन शपथ लेगा, ये शाम तक बता दिया जाएगा। मैंने एकनाथ जी से सरकार में शामिल होने और डिप्टी सीएम बनने का अनुरोध किया था।”श्री शिंदे ने कहा- “हमने वादा किया था कि जो भी फैसला लिया जाएगा, उसका मैं समर्थन करूंगा। मैंने वही किया है। महायुति को इतना बड़ा बहुमत कभी नहीं मिला था, ये ऐतिहासिक है। बहनों-भाइयों का धन्यवाद। मुझे क्या मिला ये सवाल नहीं है, महाराष्ट्र को क्या मिला, यही भावना हमारे मन में थी। ”उन्होंने यह भी कहा कि महायुति में कोई ऊंच-नीच नहीं है। फडनवीस घर आए, ये उनका बड़प्पन है।इससे पहले श्री फडनवीस को बुधवार को यहां भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता चुना गया। बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी मौजूद थे।
महाराष्ट्र विधानसभा के हाल में संपन्न चुनावों में भारी बहुमत से जीत के बाद लगातार दूसरी बार महायुति की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश भाजपा के नेता सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि महायुति के नेता अपराह्न साढ़े तीन बजे राज्यपाल से मिल कर श्री फडनवीस के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा करेंगे। इससे पहले महायुति के निर्वाचित सदस्यों की विधानसभा भवन में एक बैठक बुलाई गयी है। वहां से गठबंधन के नेता राज भवन के लिए प्रस्थान करेंगे।महायुति में शामिल शिवसेना के नेता एवं निवर्तमान मुख्यमंत्री शिंदे और राकांपा के नेता पवार ने पहले ही भाजपा के मुख्यमंत्री के साथ एकजुटता से काम करने की घोषणा कर चुके हैं।केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में भाजपा विधायक दल की बैठक में भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल और श्री मुनगंटीवार ने पार्टी के 132 विधायकों के सामने श्री फडनवीस के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका सुश्री पंकजा मुंडे एवं कई अन्य विधायकों ने उसका अनुमोदन किया।
श्री रूपाणी ने विधायकों से पूछा कि यदि उनके मन में किसी और के नाम का प्रस्ताव है तो वे रखें, लेकिन सभी विधायकों ने एकस्वर से श्री फडनवीस के नाम पर सहमति जतायी। इसके बाद श्री फड़नवीस को नेता चुने जाने की घोषणा की गयी।नेता चुने जाने के बाद श्रीमती सीतारमण, श्री रूपाणी, श्री पाटिल, श्री मुनगंटीवार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े आदि नेताओं ने श्री फडनवीस का अभिनंदन किया और उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री होने की बधाई दी। श्री फडनवीस ने भी विनम्रता पूर्वक सबका आभार ज्ञापन किया।सूत्रों के अनुसार कल श्री फड़नवीस के साथ शिवसेना एवं राकांपा से एक-एक सदस्य उप मुख्यमंत्री के रूप में भी शपथ ले सकते हैं।महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 288 सीटों में से महायुति को 230 सीटें प्राप्त हुईं हैं जिनमें से भाजपा ने 132 सीटें जीती है, तो श्री शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 57 और श्री पवार की राकांपा को 41 सीटें मिली हैं।
इस तरह भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और इस बार मुख्यमंत्री पद भाजपा को स्वाभाविक रूप से मिलना तय हुआ है।वर्ष 1970 में 22 जुलाई को जन्मे श्री फडनवीस 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिव सेना की जीत के बाद पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। पिछली शिंदे सरकार में वह उप मुख्यमंत्री थे। वह 2019 से 2022 तक वह विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। (वार्ता)
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