रसोई गैस बुकिंग के ढाई दिन में डिलीवरी, कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई
पश्चिम एशिया में संकट के बीच सरकार ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया है और बुकिंग के ढाई दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जमाखोरी, कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नयी दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट से ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभावों के बीच सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग में घबराहट न दिखाने की सलाह देते हुए कहा है कि बुकिंग के ढाई दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराया जायेगा।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि घरेलू एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रबंध किये गये हैं जिससे पिछले कुछ दिनों में उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने बताया कि रसोई गैस का किसी दूसरे कार्य में इस्तेमाल रोकने के लिए मंत्रालय सिलेंडर डिलिवरी प्रमाणन कोड को सख्ती से लागू कर रहा है। वर्तमान में 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को डिलिवरी प्रमाणन कोड प्रणाली के तहत लाने का प्रयास है।
श्रीमती शर्मा ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार द्वारा किये गये उपायों पर अंतर-मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एलपीजी के मामले में 60 प्रतिशत आयात पर निर्भर है और आयातित एलपीजी का 90 प्रतिशत हिस्सा ईरान के पास हर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है जो युद्ध से प्रभावित है। इसके मद्देनजर जारी विशेष आदेश में सरकारी रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन यथासंभव बढ़ाने के लिए कहा है।उन्होंने कहा कि दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये की हाल की वृद्धि के बाद 913 रुपये है। उज्ज्वला उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर 613 रुपये देने पड़ रहे हैं। इस प्रकार प्रति सिलेंडर प्रतिदिन 80 पैसे का अतिरिक्त बोझ ही पड़ा है। अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार के हस्तक्षेप से देश में कीमतों को नीचे रखा जा रहा है।
श्रीमती शर्मा ने बताया कि भारत में हर रोज गैस की खपत 18.9 करोड़ मानक घन मीटर के बराबर है। इसमें से 9.7 करोड़ घन मीटर का आयात किया जाता है। इस समय खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण 4.7 करोड़ घन मीटर गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके लिए वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास हैं।उन्होंने बताया कि तरल एलएनजी के दो टैंकर इस समय रास्ते में हैं। सरकार ने उपलब्ध गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पहुंचाने के लिए नियंत्रण आदेश जारी किया है। इसके तहत घरेलू, परिवहन, अस्पताल और शैक्षणिक क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा गया है। उर्वरक क्षेत्र को 70 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है जबकि तेल शोधन संयंत्रों को उपभोग में 35 प्रतिशत तक कटौती करने के लिए कहा गया है। (वार्ता)
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचने की अपील
योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। हर जिले में पेट्रोल-डीजल की पूरी उपलब्धता के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन उत्पादों की कथित किल्लत की अफवाहें फैलाकर इसकी आड़ में जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलेंडर की कमी नहीं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल व गैस आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अनुपालन में जिलों में अधिकारियों द्वारा पेट्रोल-डीजल फिलिंग स्टेशनों तथा गैस एजेंसियों के निरीक्षण का काम किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ स्थानों से कालाबाजारी और किल्लत की बातें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आ रही हैं। ये भ्रामक हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल व एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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