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दिल्ली कार विस्फोट: अमित शाह ने एनआईए को सौंपी जांच, दोषियों को जल्द पकड़ने के निर्देश

राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की जांच अब एनआईए करेगी। गृह मंत्री अमित शाह ने उच्चस्तरीय बैठक में एजेंसी को जांच रिपोर्ट जल्द देने और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। सोमवार शाम हुए धमाके में 10 लोगों की मौत और 20 घायल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि साजिश रचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। ताजमहल सहित प्रमुख स्थलों की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।

  • लाल किले के पास हुए धमाके में 10 की मौत, 20 घायल – प्रधानमंत्री मोदी बोले, साजिशकर्ताओं को बख्शा नहीं जाएगा

नयी दिल्ली : राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को दो उच्च स्तरीय बैठकों में स्थिति की समीक्षा की और एनआईए को जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कृत्य में शामिल प्रत्येक दोषी को कानून के कठघरे में लाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

श्री शाह ने समीक्षा बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, “दिल्ली कार ब्लास्ट के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कीं। अधिकारियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार हर एक दोषी को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं। इस कृत्य में शामिल हर व्यक्ति हमारी एजेंसियों के कहर का सामना करेगा।”

गृह मंत्रालय में हुई बैठक में गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, एनआईए के महानिदेशक, दिल्ली पुलिस कमिश्नर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अब तक दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा द्वारा की जा रही जांच को एनआईए को सौंप दिया जाए। गृह मंत्री ने एफएसएल को निर्देश दिया कि घटनास्थल से प्राप्त नमूनों की गहन जांच की जाए और उन्हें कार में सवार व्यक्तियों के नमूनों से मिलान किया जाए।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “कोतवाली थाने में यूएपीए की धारा 16 और 18 सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।”

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान यात्रा के दौरान ग्लोबल पीस फेस्टिवल में कहा कि लाल किले के पास हुए विस्फोट की साजिश रचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “कल शाम दिल्ली में जो भयानक घटना हुई, उससे सभी बहुत दुखी हैं। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूँ। हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।” प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने विस्फोट में इस्तेमाल की गई आई20 कार की विस्तृत रूट मैपिंग तैयार कर ली है। यह रूट करीब 11 घंटे लंबा था, जो हरियाणा के फरीदाबाद से शुरू होकर लाल किले के पास विस्फोट स्थल पर समाप्त हुआ। कई इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद पुलिस को कार की गतिविधियों का पूरा क्रम पता चल सका है।

घटना के बाद पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ अधीक्षकों को सतर्क रहने तथा संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि “इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।” अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि यह देश में दहशत फैलाने की एक कायराना कोशिश है और ऐसे आतंकी मंसूबों का डटकर मुकाबला किया जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इसे “बेहद दुखद” बताते हुए कहा कि निर्दोषों की जान जाना असहनीय है और पीड़ित परिवारों को शक्ति मिले, यही प्रार्थना है। दिल्ली के मुख्यमंत्री पूर्व अरविंद केजरीवाल ने भी घटना को “चिंताजनक” बताया और कहा कि “ऐसे समय में शांति और संयम बनाए रखना सबसे बड़ी ताकत है। आतंक का जवाब हमारी एकजुटता से दिया जा सकता है।”

दिल्ली धमाके के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आगरा में ताजमहल परिसर में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पर्यटकों और उनके सामान की सघन जांच की जा रही है।

गृह मंत्रालय ने सोमवार शाम लाल किले के निकट हुए शक्तिशाली विस्फोट में 10 लोगों की मौत और करीब 20 घायलों की पुष्टि की है। अमेरिका ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उसकी संवेदनाएं विस्फोट से प्रभावित लोगों के साथ हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि “इस कृत्य में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कहीं भी हो।” एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीमें अब हर एंगल से जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि कार में विस्फोटक सामग्री बड़ी मात्रा में रखी गई थी, जिससे विस्फोट का असर अत्यधिक था।

देश की राजधानी में हुए इस बम धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पूरे उत्तरी भारत में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, वहीं जांच एजेंसियां अब इस घटना के अंतरराष्ट्रीय तारों की भी जांच कर रही हैं।

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