Varanasi

बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि- मणिकर्णिका घाट पर भावुक विदाई

सिगरा, वाराणसी निवासी राकेश कुमार अग्रवाल का निधन हो गया। मणिकर्णिका घाट पर बड़ी पुत्री पूजा गुप्ता ने पिता को मुखाग्नि देकर समाज के सामने साहस और बेटी के प्रेम की अनोखी मिसाल पेश की। परिवार में पत्नी, दो बेटियाँ, दामाद और दो नातिनें हैं।

  • राकेश कुमार अग्रवाल का निधन; बड़ी पुत्री पूजा गुप्ता ने निभाया अंतिम संस्कार का कर्तव्य

वाराणसी। सिगरा निवासी तथा मूल रूप से इलाहाबाद के रहने वाले राकेश कुमार अग्रवाल का 12 नवंबर 2025 को निधन हो गया। उनके जाने से परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में गहरा शोक व्याप्त है। मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहाँ परिवारजन नम आँखों से दिवंगत आत्मा को विदाई दे रहे थे। श्री अग्रवाल अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियाँ, दो दामाद और दो नातिनें छोड़ गए हैं। परिवार में सबकी आँखों में पिता, पति और दादा की स्मृतियाँ तैर रही थीं।

लेकिन इस विदाई के बीच एक ऐसा पल सामने आया जिसने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के मन को छू लिया – उनकी बड़ी पुत्री पूजा गुप्ता ने दृढ़ संकल्प के साथ पिता की मुखाग्नि स्वयं देने का निर्णय लिया। समाज की परंपराओं से हटकर, बेटी द्वारा पिता की चिता को मुखाग्नि देना केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि प्रेम, जिम्मेदारी और अपनेपन की अमिट मिसाल बन गया। पूजा गुप्ता ने कहा -“पापा ने हमेशा हमें बराबरी, आत्मविश्वास और साहस सिखाया। आज उनके अंतिम संस्कार के कर्तव्य को निभाना मेरे लिए उनका दिया हुआ संस्कार निभाने जैसा है।”

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जब उन्होंने पिता के अंतिम संस्कार की सभी विधियाँ अपने हाथों से निभाईं, तो उपस्थित हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। कई लोगों ने कहा कि यह दृश्य बेटियों की शक्ति और उनके अनमोल रिश्ते का सबसे सशक्त प्रमाण है। इस भावुक क्षण ने एक बार फिर सिद्ध किया कि – बेटियाँ केवल घर की शान ही नहीं, माता-पिता की अंतिम उम्मीद और सबसे मजबूत सहारा भी होती हैं। राकेश कुमार अग्रवाल की स्मृतियाँ उनके परिवार के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेंगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस कठिन समय में संबल दे।

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