2026-27 में दुपहिया वाहन बिक्री 2.9 करोड़ तक पहुंचेगी, 7-9% वृद्धि का अनुमान: क्रिसिल
क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत में दुपहिया वाहनों की बिक्री 7 से 9 प्रतिशत बढ़कर 2.9 करोड़ इकाई तक पहुंच सकती है। जीएसटी दरों में कटौती से कीमतें कम होने के कारण मांग में तेजी बनी हुई है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिक्री बढ़ रही है, जबकि प्रीमियम मोटरसाइकिल और स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे कंपनियों के राजस्व, लाभ और पूंजी निवेश में भी स्थिर वृद्धि की संभावना है।
- GST कटौती से बढ़ी मांग, प्रीमियम मोटरसाइकिल और स्कूटर से कंपनियों के राजस्व में होगा इजाफा
नयी दिल्ली : दुपहिया वाहनों की बिक्री अगले वित्त वर्ष (2026-27) में सात से नौ प्रतिशत के बीच बढ़कर 2.9 करोड़ इकाई पर पहुंच जायेगी।बाजार अध्ययन एवं साख निर्धारक एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों से कीमतों में कमी के बाद दुपहिया की घरेलू बिक्री में आयी तेजी अगले वित्त वर्ष में भी जारी रहेगी। उसने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का घरेलू कंपनियों की बिक्री पर कुछ खास असर नहीं होगा क्योंकि समझौते में 500 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलों पर फोकस है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बिक्री बढ़ने और प्रीमियम सिगमेंट की तरफ ग्राहकों के झुकाव से राजस्व में भी स्थिर वृद्धि की संभावना है। लाभ बढ़ने से कंपनियों के पूंजी निवेश बढ़ाने का भी मौका होगा।दुपहिया बाजार में 95 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाली छह कंपनियों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर क्रिसिल ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-26 में दो विपरीत कहानियां देखने को मिलीं। पहली छमाही में कमजोर बाजार धारणा के कारण बिक्री लगभग स्थिर रही। सितंबर में जीएसटी की दरों में कटौती से कीमतों में सात से आठ प्रतिशत की गिरावट आयी। इससे दूसरी छमाही में बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कर में कटौती का ज्यादा असर शहरी मांग पर देखा गया जबकि खरीफ की अच्छी फसल और कृषि आय में वृद्धि से ग्रामीण मांग में सुधार हुआ।
क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में दुपहिया की बिक्री छह से आठ प्रतिशत के बीच बढ़ने की उम्मीद है जो लगभग मौजूदा वित्त वर्ष के समान ही है। घरेलू मांग में 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले मोटरसाइकिलों की बिक्री पांच-छह प्रतिशत के आसपास बढ़ने की संभावना है। वहीं, स्कूटरों में दहाई अंकों की वृद्धि देखने के लिए मिलेगी।प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मोटरसाइकिलों में 125 सीसी तक के एंट्री लेवल की हिस्सेदारी 73 प्रतिशत के आसपास है। अब धीरे-धीरे 150-350 सीसी तक के मोटरसाइकिलों की मांग बढ़ रही है। इनकी हिस्सेदारी 23 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत के करीब पहुंच गयी है। (वार्ता)
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