
कोरोना : 25 दिन में 70 फीसद घटी मौतें
सात मई को हुई रिकॉर्ड 372 की तुलना में आज सिर्फ 115 मौतें, 36 जिलों में कोई मौत नहीं, 14 जिलों में सिर्फ एक एक
गिरीश पांडेय
लखनऊ : हर पैदा होने वाले की मौत तय है। बावजूद मौत से हर कोई खौफजदा रहता है। अप्रैल से मध्य मई तक जब कोरोना का संक्रमण पीक पर था तो हर संक्रमित और उसके परिजनों की सबसे अधिक चिंता जीवन को लेकर ही थी। यह स्वाभाविक भी है,पर अब मौत के खौफ यह डर इनकी लगातार गिरती संख्या के कारण क्रमशः कम होती जा रही है। आज पूरे प्रदेश में 24 घंटे के दौरान सिर्फ 115 मौतें हुई। सात मई को होने वाली रिकॉर्ड मौतों की संख्या से यह करीब 70 फीसद कम है। ऐसे जिलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिनमे 24 घंटे के दौरान एक भी मौत नहीं हो रही है।
आज के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब तीन दर्जन जिलों में 24 घंटे के दौरान एक भी मौत नहीं हुई। करीब इतने ही जिलों में मौतों की संख्या इकाई में रही। सिर्फ कानपुर और गोरखपुर ऐसे जिले रहे जहां इस दौरान मौतों की संख्या दहाई में रही। कल जीरो मौत वाले जिलों की संख्या 40 थी। कुशीनगर, गोरखपुर को छोड़ हर जिले में यह संख्या इकाई में रही। 25 मई से एक दिन में होने वाली मौतों की संख्या अपवाद के कुछ दिनों को छोड़ दें तो लगातार 200 से नीचे ही रही है।
आज के बाकी आंकड़े भी इस बात के सबूत हैं कि सर्वाधिक आबादी, कई राज्यों की तुलना में कम संसाधन होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जज्बे,जुनून,मार्गदर्शन और रीयल कप्तान की तरह ग्रांउड जीरो पर हर जगह उनकी मौजूदगी, टेस्ट, ट्रेस ,ट्रीट,सर्विलांस और अधिकतम टीकाकरण के फार्मूले का असर दिखा। यही वजह रही कि संक्रमण की संख्या संबंधी कयासों को झुठलाते हुए टीम वर्क और जनता के सहयोग से कम समय में उत्तरप्रदेश पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करने वाले राज्यों की तुलना में सिर्फ आंशिक कोरोना कर्फ्यू से ही उनकी तुलना में बेहतर नतीजे दे सका।
ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे के दौरान गोरखपुर में 11, कानपुर नगर में 10, लखनऊ में 8, प्रयागराज, मेरठ , झाँसी और अमरोहा में 6-6 लोगों की मौत हुई। इसी क्रम में अयोध्या में 5, बुलंदशहर में 4 मौतें हुईं। प्रदेश के सात जिलों में 3 , 9 में 2 , 14 जिलों में 1 और 36 जिलों में शून्य मौतें हुई हैं।
मौतें जिलों की संख्या
O-36
1-14
2-9
3-7
4-1
5-1
6-4
8-1
10-1
11-1



