
इसरो में वैज्ञानिकों से मिले निर्माण श्रमिकों के बच्चे, जाना ब्रह्मांड का रहस्य
योगी सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली है। वाराणसी के करसड़ा स्थित अटल आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्रा अपर्णा और श्रेयांश शैक्षणिक भ्रमण पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित ISRO पहुंचे। दोनों विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से मिलकर अंतरिक्ष विज्ञान को जाना। यह उपलब्धि गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा और अवसरों के नए द्वार खोलती है।
- अटल आवासीय विद्यालय ने बदली तक़दीर, निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मिला ISRO का अनुभव
वाराणसी : योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अटल आवासीय विद्यालय के जरिए निर्माण श्रमिकों के बच्चों के सपनों को उड़ान मिल रही है। अटल आवासीय विद्यालय के दो बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर इसरो गए हैं। अटल आवासीय विद्यालय की छात्रा अपर्णा और छात्र श्रेयांश आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पहुंच चुके हैं। निर्माण श्रमिक़ों के बच्चों ने इसरो में वैज्ञानिकों से मिलकर ब्रह्मांड के रहस्यों को जाना। वाराणसी के करसड़ा स्थित अटल आवासीय विद्यालय के कक्षा छह के दोनों विद्यार्थियों का चयन हुआ है।
अटल आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि कक्षा 7 की छात्रा अपर्णा और छात्र श्रेयांश विश्वकर्मा का चयन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए हुआ है। दोनों बच्चे यहां वैज्ञानिकों से मिले और स्पेस साइंस व इसरो की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जाना। दोनों विद्यार्थियों का चयन कक्षा 6 में गणित और विज्ञान विषय में टॉप करने के आधार पर हुआ है। निर्माण श्रमिक के बच्चे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। इसके साथ ही वे महाबलीपुरम मंदिर, म्यूजियम, समुद्री तट और चेन्नई के अन्य स्थानों पर भी जाएंगे।

वाराणसी क्षेत्र के उपश्रमायुक्त डॉ महेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि दोनों विद्यार्थी लखनऊ से हवाई जहाज से इसरो गए हैं। इनका भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और अन्य स्थानों का तीन दिन (5 से 7 फ़रवरी) तक शैक्षणिक भ्रमण का कार्यक्रम है। बच्चों ने इसरो की कार्यप्रणाली को समझा और विज्ञान की दुनिया से रूबरू हुए। साथ ही देश के बड़े वैज्ञानिकों से मिलकर अंतरिक्ष के रहस्यों को जाना। इसके पहले अटल आवासीय विद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा श्वेता सत्ते भी इसरो का भ्रमण कर चुकी हैं।
योगी सरकार प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों में अटल आवासीय विद्यालय संचालित कर रही है। इस क्रम में वाराणसी के करसड़ा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में निर्माण श्रमिकों, कोरोना काल में निराश्रित और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के पात्र बच्चे निःशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अटल आवासीय विद्यालय में छात्र -छात्राओं के रहने के लिए अलग-अलग छात्रावास बने हैं। बोर्डिंग विद्यालय में पाठ्यक्रम सीबीएसई बोर्ड पर आधारित है। अटल आवासीय विद्यालय में स्मार्ट क्लास है। यहां सीसीटीवी, सोलर पैनल, कंप्यूटर लैब, एस्ट्रोनॉमी लैब, शुद्ध पेयजल, खेल गतिविधियां, यूनिफार्म, किताब, नोटबुक भोजन आदि की निःशुल्क सुविधाएं हैं।
मेरा बेटा पढ़ाई में होनहार है, लेकिन हमारे पास उसे पढ़ाने के लिए पैसे नहीं थे। योगी जी ने मेरी कई पीढ़ियां सवार दी हैं। योगी सरकार के कारण उसे पढ़ने को मिला। सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा बेटा इतनी बड़ी जगह जा पाएगा, लेकिन उसके सपनों को पंख मिले।
संतोष विश्वकर्मा, निर्माण श्रमिक (श्रेयांश के पिता)
योगी जी की सरकार ने बेटी को इंग्लिश माध्यम से पढ़ने का मौका दिया। अब बेटी इसरो गई है। सरकार गरीब परिवार के बच्चों के लिए जो कर रही है, वह काम हम अपने पूरे जीवन में नहीं कर पाते। योगी सरकार का धन्यवाद, जो हम जैसे गरीब परिवार वालों का भी भविष्य संवार रही है।
मृत्युंजय सिंह (निर्माण श्रमिक, अर्पणा के पिता)
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