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मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईसीआईनेट का किया उद्घाटन, चुनाव सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईआईसीडीईएम-2026 में भारत के चुनाव आयोग के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट का उद्घाटन किया। यह मंच नागरिकों, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों को एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर सभी चुनावी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। ईसीआईनेट 22 अनुसूचित भाषाओं और अंग्रेजी में उपलब्ध है। इसमें मतदाता पंजीकरण, ई-ईपीआईसी डाउनलोड, शिकायत निवारण, मतदान रुझान जैसी सेवाएं शामिल हैं। आयोग ने इसकी तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करने का भी प्रस्ताव दिया है।

नयी दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यहां लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम-2026) में चुनाव से संबंधित सभी जानकारी और सेवाओं के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट का उद्घाटन किया और इसकी प्राैद्योगिकी को दूसरे देशों के साथ साझा करने का प्रस्ताव किया।तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत मंडपम में चल रहा है। ईसीआईनेट की परिकल्पना श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने साथी चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर की है। आयोग ने इसके विकास की घोषणा मई 2025 में की थी।

श्री कुमार ने विश्व भर में इसे चुनाव प्रबंधन से जुड़ी संस्थाओं और संगठनों के समक्ष ईसीआईएनट को प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसे कानून की कसौटी पर परख कर विकसित किया गया है और यह 22 अनुसूचित भाषाओं और अंग्रेजी में उपलब्ध है। उन्होंने इसकी प्राैद्योगिकी को दुनिया के दूसरे देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ( ईएमपी) को अपने देशों के लिए, अपने कानूनों के अनुसार, और अपनी-अपनी भाषाओं में, इसी तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास पर भारत के साथ सहयोग करने की पेशकश की।इस अवसर पर डॉ. संधू ने कहा कि ईसीआईनेट चुनाव प्रबंधन में विश्वास बढ़ाने वाला एक प्रतिष्ठित उपकरण है क्योंकि यह अधिक पारदर्शिता लाता है और सभी कार्यों की निगरानी में मदद करता है और त्वरित निर्णय लेने तथा जानकारी के प्रसार की सुविधा प्रदान करता है।

चुनाव आयुक्त डॉ.जोशी ने कहा कि यह सम्मेलन भारत के चुनाव आयोग जैसे दूसरे देशों के चुनाव निकायों को प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचारों को अपनाने पर वैश्विक प्रथाओं से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर देगा।इन प्लेटफार्म के बारे में जानकारी देते हुए आयोग की महानिदेशक ( सूचना प्रौद्योगिकी ) डॉ. सीमा खन्ना ने कहा कि साइबर सुरक्षा इसके प्रमुख स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक का प्रयोग रणनीतिक आवश्यकता बन गयी है। यह मंच चुनाव में पारदर्शिता, दक्षता, विश्वसनीयता और जनता के विश्वास को बढ़ाने वाला है।

ईसीआईनेट दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी सेवा प्लेटफॉर्म है जो भारत के चुनाव आयोग के 40 से ज़्यादा ऐप्स और पोर्टल्स को समन्वित करके दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सभी चुनावी सेवाओं को एक साथ एक सहज अनुभव में लाता है। यह नागरिकों, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, चुनाव अधिकारियों को जोड़ता है और मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची खोज, अपने आवेदन को ट्रैक करें, अपने उम्मीदवार को जानें, चुनाव अधिकारियों से जुड़ें, बीएलओ के साथ कॉल बुक करें, ई-ईपीआईसी डाउनलोड, मतदान रुझान, शिकायत निवारण, और अन्य जैसी प्रमुख सेवाओं को एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लाता है।

इस मंच का 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। प्रति दिन औसतन 2.7 लाख फॉर्म की दर से आज तक इस पर 10 करोड़ से ज़्यादा पंजीकरण फॉर्म संसाधित किये जा चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर 11 लाख से ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पंजीकृत हैं। एसआईआर के दौरान इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 150 करोड़ से ज़्यादा दस्तावेज़ों का डिजिटलीकरण किया गया है।आयोग ने कहा है कि ईसीआईनेट जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की निगरानी के लिए एक सहज तंत्र भी प्रदान करता है। (वार्ता)

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