वाराणसी। पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने के मामले में सात और आरोपितों की जमानत अर्जी निरस्त हो गई। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पशुपतिनाथ मिश्र की अदालत में संजोई (जंसा) निवासी व शिवम इंटर कॉलेज मनियारीपुर के प्राचार्य योगेन्द्र वर्मा, अध्यापक गौरी शंकर पटेल, मनियारीपुर रोहनियां निवासी केंद्र प्रभारी शैलेंद्र कुमार सिंह, इलेक्ट्रिशियन कुलदीप कुमार पटेल,गंगापुर निवासी कक्ष निरीक्षक रोहित कुमार, परीक्षार्थी गोविंद कुमार राजभर और प्रयागराज जिले के बहरिया थाना क्षेत्र निवासी आरोपित राजेंद्र कुमार सरोज की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। इन आरोपितों की जमानत का विरोध एडीजीसी विनय कुमार सिंह ने किया। इस मामले में जेएस पब्लिक इंटर कॉलेज,जंसा के प्राचार्य आरोपित विनय कुमार सिंह की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है।
अभियोजन के अनुसार क्राइम ब्रांच मिर्जापुर के निरीक्षक उदय प्रताप यादव ने 20 दिसम्बर 2020 को रोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 19 दिसम्बर को उनकी ड्यूटी शिवम इंटर कॉलेज गंगापुर,रोहनिया पर आयोजित पुरुष व महिलाओं के जेल वार्डन, फायरमैन व आरक्षी घुड़सवार पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती 2016 की परीक्षा में लगी थी। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान गोविंद कुमार नामक एक अभ्यर्थी को नकल करते पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एक से लेकर 150 प्रश्नों के उत्तर शीट की छायाप्रति बरामद हुई। पूछताछ में उसने बताया कि उसने सहायक परीक्षा प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने 90 हजार रुपये लेकर उसे उक्त उत्तर शीट को कक्ष निरीक्षक रोहित सिंह कर माध्यम से उपलब्ध कराया है। उन्होंने ही कुलदीप पटेल को फर्ज़ी इलेक्ट्रिशियन का परिचय पत्र भी दिया था। जिसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।


