बाला यादव की हत्या के आरोप मड़ियाहूं ब्लाक प्रमुख समेत तीन लोगों के खिलाफ केस
प्रापर्टी के धंधे में लगे बाला का गंवई राजनीति में था दखल, लाइनबाजार थाने में खुली है हिस्ट्रीशीट भी
जौनपुर। सपा सभासद बाला यादव हत्याकाण्ड में राजकीय रेलवे पुलिस ने ब्लाक प्रमुख समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। उधर आज पोस्टमार्टम के बाद बाला यादव का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर के रामघाट पर किया गया। मृतक बाला यादव जमीन का कारोबार करता था और गंवई राजनीति में उसका दखल रहता था। दोनों कारणों से उसके कई दुश्मन थे। लाइनबाजार थाने में पुलिस ने बाला की हिस्ट्रीशीट भी खोल रखी है। बाला के ऊपर हत्या व हत्या के प्रयास समेत नौ आपराधिक केस दर्ज है।करीब 12 साल पहले बाला उस वक्त चर्चा में आया था जब सिटी स्टेशन से उसके अपहरण की घटना हुई थी।
करीब ढाई साल बाद बाला वापस आया तो पुलिस की जांच में पता चला था कि बाला का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि उसने खुद ही अपहरण का नाटक किया था। मंगलवार को राजकीय रेलवे पुलिस परिवार वालों की तहरीर पर मड़ियाहूं के ब्लाक प्रमुख लाल प्रताप यादव, सैदनपुर गांव के निवासी सुनील यादव और बक्शा निवासी राकेश यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके आरोपितों की तलाश में जुट गयी है। गौरतलब है कि सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे अज्ञात हमलावरों ने सैदनपुर गांव के निवासी सभासद बाला यादव को सिटी रेलवे स्टेशन शूट कर दिया था। आनन फानन में अस्पताल पहुंचाये गए सभासद को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जिसके बाद पुलिस प्रशासन से गुस्साए परिजन सभासद बाला का शव जिला अस्पताल से जबरन उठा ले गए तो पुलिस प्रशासन हतप्रभ रह गया। ऐसा लगा कि शव ले जाकर लोग बवाल कर सकते हैं। नई गंज स्थित एक मकान पर शव रखने की सूचना पर डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनपर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया तो करीब एक घंटे बाद शव पुलिस कब्जे में लेकर फिर जिला अस्पताल पहुंची। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही बरती। गोली लगने के बाद पहुंची पुलिस जिला अस्पताल ले गई लेकिन डाक्टर को दिखाने के बजाय सीधे मर्चरी हाऊस में रखवा दिया। परिजन पहुंचे और हल्ला मचाया तो मर्चरी से निकलवाकर इमरजेंसी में डाक्टर के पास ले जाया गया। जहां से परिजन शव लेकर यह कहते हुए निकल गए कि वे वाराणसी ले जाएंगे।



