Business

बजट, फेड के फैसले और तिमाही परिणाम का बाजार पर रहेगा असर

मुंबई : नये वित्त वर्ष के अंतरिम बजट में समग्र विकास के लिए उठाए गए ठोस कदम से उत्साहित निवेशकों की दमदार लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह दो प्रतिशत तक उछले घरेलू शेयर बाजार पर अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को यथावत रखने और कंपनियों की तीसरी तिमाही के परिणाम का असर रहेगा।बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1384.96 अंक अर्थात 1.95 प्रतिशत की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 72085.63 अंक रहा। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 501.2 अंक यानी 2.34 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 21853.80 अंक हो गया।

समीक्षाधीन सप्ताह में दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों में भी लिवाली का जोर रहा। इससे बीएसई का मिडकैप 1181.82 अंक अर्थात 3.13 प्रतिशत मजबूत होकर सप्ताहांत पर 38928.11 अंक और स्मॉलकैप 1486.06 अंक यानी 3.34 प्रतिशत उठकर 45849.80 अंक पर रहा।विश्लेषकों के अनुसार, बजट में लोकलुभावन वादों की बजाय देश के समग्र विकास के लिए उठाए गए ठोस कदम से बीते सप्ताह निवेशकों में ख़ासा उत्साह रहा। यह उत्साह अगले सप्ताह भी बरकरार रहने की उम्मीद है।इसके अलावा फेड रिजर्व ने 30-31 जनवरी को हुई मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों को 5.25 से 5.50 प्रतिशत के बीच यथावत रखा है। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि पिछले साल के मुकाबले महंगाई कम हुई है लेकिन उसकी दर अभी ऊंची बनी हुई है।

आने वाले महीनों में ब्याज दरों को कम करने के लिए अर्थव्यवस्था के अन्य जोखिमों के साथ मुद्रास्फीति को भी ध्यान में रखना होगा। ऐसे कोई संकेत नहीं थे जिसके मुताबिक ब्याज दरों में कटौती अपरिहार्य थी। हालांकि फेड ने रोजगार के बारे में चिंताओं पर सहमति व्यक्त करते हुए और संकेत दिया कि यदि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति की दर कम होती है तो ब्याज दरों को कम किया जा सकता है। अगले सप्ताह इसका असर भी बाजार पर रहेगा।साथ ही स्थानीय स्तर पर सीआईएल, बैंक ऑफ इंडिया, भारती एयरटेल, नेस्ले इंडिया, अशोक लेलैंड, बायोकॉन, लुपिन और इरकॉन समेत कई दिग्गज कंपनियों के वित्त वर्ष 2023-24 के दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही के परिणाम जारी होने वाले हैं। अगले सप्ताह बाजार को दिशा देने में इन कारकों की अहम भूमिका रहेगी।

अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती शुरू करने की उम्मीद, बांड यील्ड में गिरावट और चीन के बाज़ार को समर्थन देने के लिए उपाय शुरू करने के बीच स्थानीय स्तर पर रिलायंस समेत 25 दिग्गज कंपनियों के करीब सात प्रतिशत तक चढ़ने से सोमवार को सेंसेक्स 1240.90 अंक की उड़ान भरकर 71,941.57 अंक और निफ्टी 385 अंक की छलांग लगाकर 21,737.60 अंक हो गया।वहीं, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के निर्णय और स्थानीय स्तर पर नये वित्त वर्ष के लिए पेश होने वाले आम बजट से पहले हुई चौतरफा बिकवाली के दबाव में मंगलवार को सेंसेक्स 801.67 अंक का गोता लगाकर 71,139.90 अंक और निफ्टी 215.50 अंक लुढ़ककर 21,522.10 अंक रह गया।

विश्व बाजार की गिरावट के बीच स्थानीय स्तर पर हेल्थकेयर, रियल्टी, ऑटो और सर्विसेज समेत 18 समूहों में हुई जबरदस्त लिवाली की बदौलत बुधवार को सेंसेक्स 612.21 अंक की छलांग लगाकर 71,752.11 अंक और निफ्टी 203.60 अंक उछलकर 21,725.70 अंक हो गया।चुनावी साल होने के बावजूद नये वित्त वर्ष के अंतरिम बजट में लोकलुभावन वादों की बजाय देश के समग्र विकास के लिए उठाए गए ठोस कदम से गुरुवार को शेयर बाजार पूरे दिन उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए अंत में गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 106.81 अंक टूटकर 71,645.30 अंक और निफ्टी 28.25 अंक फिसलकर 21,697.45 अंक रह गया।

बजट में लोकलुभावन वादों की बजाय देश के समग्र विकास के लिए उठाए गए ठोस कदम से उत्साहित निवेशकों की तेल एवं गैस, ऊर्जा, धातु, आईटी और टेक समेत सोलह समूहों में हुई दमदार लिवाली की बदौलत शुक्रवार को सेंसेक्स 440.33 अंक की तेजी के साथ 72,085.63 अंक और निफ्टी 156.35 अंक उछलकर 21,853.80 अंक पर रहा। (वार्ता)

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button