ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी है। राज्य में लोकसभा चुनाव के साथ 19 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है।चुनाव आयोग (ईसी) के पास उपलब्ध नवीनतम अपडेट के अनुसार भगवा पार्टी पहले ही 40 सीटें जीत चुकी है, जिसमें 10 निर्विरोध शामिल हैं और पांच अन्य पर आगे है।
चुनाव जीतने वाले प्रमुख लोगों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे (पक्के-केसांग), चांगलांग उत्तर से उपाध्यक्ष टेसम पोंगटे, स्वास्थ्य मंत्री अलो लिबांग (टुटिंग-यिंगकियोंग), मौजूदा मंत्री वांगकी लोवांग (नामसांग), होनचुन नगंडम (पोंगचौ-वाक्का), नाकाप नालो (नाचो), निनॉन्ग एरिंग (पासीघाट पश्चिम), वांगलिन लोवांगडोंग (बोरदुरिया-बोगापानी), गेब्रियल डेनवांग वांगसु (कनुबारी), रोडे बुई (डंपोरिजो), बालो राजा (पॉलिन), चकत अबोह (खोंसा पश्चिम), त्सेरिंग ल्हामू ( लुमला), डॉ. मोहेश चाय (तेज़ू), पानी ताराम (कोलोरियांग), कार्डो न्यिग्योर (लिकाबाली) और च्यांग्ताजो निर्वाचन क्षेत्र से हेयेंग मंगफी है।
कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने भी तीन सीटें जीतकर अपना खाता खोला और दो अन्य सीटों पर आगे चल रही है। जीतने वाले उम्मीदवारों में पेसी जिलेन शामिल हैं जिन्होंने भाजपा के न्यामार कारबाक को 1,698 वोटों के अंतर से हराकर लिरोमोबा सीट हासिल की, नामगेई त्सेरिंग ने भाजपा के त्सेरिंग दोरजी को 996 वोटों के अंतर से हराकर तवांग सीट हासिल की और ओनी पनयांग ने भाजपा के ओलोम पनयांग को 673 वोट हराकर मारियांग-गेकू पर कब्जा किया।पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के उम्मीदवार नबाम विवेक ने भाजपा के ताना हाली तारा को 2,530 वोटों के अंतर से हराकर दोइमुख सीट हासिल की और ओकेन तायेंग ने भाजपा के लोम्बो तायेंग को 1,017 वोटों से हराकर मेबो सीट हासिल की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के टोको तातुंग एक बड़े विजेता के रूप में उभरे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मौजूदा भाजपा मंत्री ताबा तेदिर को 228 वोटों के अंतर से हराया।भाजपा के टिकट से वंचित रहे निर्दलीय उम्मीदवार वांगलाम सॉविन और लाइसम सिमाई अपनी-अपनी सीटें खोंसा (पूर्व) और नामपोंग बरकरार रखते हुए जीत हासिल की। सविन ने भाजपा के कामरंग तेसिया को 2,216 वोटों के अंतर से हराकर खोंसा (पूर्व) सीट बरकरार रखी, जबकि सिमाई ने केसर ब्रिगेड के इज़मिर तिखाक को 68 वोटों के मामूली अंतर से हराया।ईसी के पास उपलब्ध रुझानों के अनुसार भाजपा ने 40 सीटें जीत ली हैं और पांच अन्य पर आगे चल रही है एनपीपी और राकांपा दो-दो सीटों पर आगे है और विपक्षी कांग्रेस एक सीट पर आगे है।
मतगणना छह बजे शुरू हुई। अधिकारियों ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और परेशानी मुक्त हो यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है।मतगणना प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 2,000 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त कार्रवाई की निगरानी के लिए ईसीआई द्वारा 27 मतगणना पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। इसके अलावा इस कार्य के लिए 489 मतगणना माइक्रो पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है।भाजपा को पहले ही 10 सीटें मिल चुकी हैं। अरुणाचल प्रदेश में 60 सदस्यीय विधानसभा के 50 विधायकों को चुनने के लिए मतदान हुआ जिसमें 83 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव मैदान में 133 है।वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों में भगवा पार्टी ने 41 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया और पेमा खांडू के मुख्यमंत्रित्व में पहली निर्वाचित भाजपा सरकार बनाई।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) जिसने इस बार कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, सात सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद पांच सीटों पर एनपीपी और चार सीटों पर कांग्रेस रही।राज्य का क्षेत्रीय संगठन पीपीए एक सीट जीतने में कामयाब रहा। दो निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए थे।भाजपा के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपनी पारंपरिक मुक्तो सीट बिना किसी मुकाबले के जीती है ने पहले सुझाव दिया है कि राजनीतिक दल आने वाले फैसले को स्वीकार करें।श्री खांडू ने एक्स पर पोस्ट किया,“लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पर समझौता नहीं किया जा सकता है और फैसले को विनम्रता के साथ स्वीकार करना सभी के लिए जरूरी है।” उन्होंने कहा,“हमारे राज्य के लोग सर्वांगीण विकास की गति को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।”
सिक्किम में एसकेएम फिर से बनाएगी सरकार,एसडीएफ का सुपड़ा साफ
गंगटोक : सिक्किम में सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) ने विधानसभा चुनावों में 32 में से 31 सीटें जीत कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है वहीं विपक्षी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के खाते में केवल एक सीट गयी है।इसके साथ ही रविवार को हुई मतगणना में सत्तारूढ़ एसकेएम का एक बार फिर सरकार बनाना तय हो चुका है। राज्य की सभी 32 सीटों के नतीजे घोषित किये जा चुके हैं। इनमें 31 पर एसकेएम को भारी जीत हासिल हुई है जबकि एसडीएफ के खाते में एकमात्र श्यारी सीट गई है।चुनाव आयोग (ईसी) के अनुसार मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व वाले एसकेएम ने 32 में से 31 सीटें जीत ली हैं। वहीं एसडीएफ ने केवल एक सीट जीती है।मुख्यमंत्री एवं एसकेएम सुप्रीमो तमांग ने रेनॉक से अपने एसडीएफ प्रतिद्वंद्वी सोम नाथ पौड्याल को हराकर चुनाव जीत लिया है।
श्री तमांग ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सोम नाथ पौड्याल को 7,044 मतों से हराया।श्री तमांग को कुल 10,094 मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंदी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के नेता श्री पौड्याल को 3,050 मत मिले।श्री तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी भी एसकेएम के टिकट पर नामची-सिंघीथांग निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीत गयी हैं।दूसरी ओर एसडीएफ के प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग पोकलोक-कामरांग और नामचेयबुंग दोनों सीटों से चुनाव हार गए। श्री चामलिंग स्वतंत्र भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड रखते हैं।एक अन्य एसडीएफ स्टार उम्मीदवार भाईचुंग भूटिया भी बारफुंग (बीएल-आरक्षित) सीट से एसकेएम उम्मीदवार रिक्शल दोरजी भूटिया से चुनाव हार गये हैं।
पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान भूटिया ने पिछले नवंबर में अपनी हमरो सिक्किम पार्टी का चामलिंग की एसडीएफ में विलय कर दिया था।एकमात्र सीट जो एसडीएफ के खाते में गयी वह श्यारी है, जहां उसके उम्मीदवार तेनजिंग नोरबू लम्था ने जीत हासिल की। लम्था हाल ही में एसकेएम से एसडीएफ में शामिल हुए हैं।कुल मिलाकर 147 उम्मीदवार मैदान में थे। एसकेएम और एसडीएफ सभी सीटों पर लड़ रहे थे।एसकेएम के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद अकेले चुनाव लड़ने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 31 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सकी।अब तक हुई मतगणना में एसकेएम को 58 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं। एसडीएफ को करीब 28.50 फीसदी और भाजपा को पांच फीसदी से कुछ ज्यादा वोट मिले हैं।
एक दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 0.22 प्रतिशत वोट मिले हैं, जो नोटा से भी कम है।30 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली नई पार्टी सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम को हर जगह हार का सामना करना पड़ रहा था। वर्ष 2019 में एसकेएम एसडीएफ द्वारा हासिल की गई 15 सीटों के मुकाबले 17 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी।सिक्किम में विधानसभा चुनाव 19 अप्रैल को हुए थे।(वार्ता)



