
काशी में पटरी व्यवसायियों को बड़ी राहत, 26 वेंडिंग जोन में बसेंगे 905 दुकानदार
वाराणसी में नगर निगम ने पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित करने, नवरात्र में श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और गंगा घाटों की सफाई के लिए अभियान तेज कर दिया है। शहर के 26 अधिसूचित वेंडिंग जोन में 905 वेंडर्स को बसाने की योजना है। चार नए प्रस्तावित वेंडिंग जोन को भी मंजूरी मिली है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने 10 दिनों में आपत्तियों के निस्तारण, मां शैलपुत्री मंदिर मार्गों की मरम्मत और 85 गंगा घाटों से गाद हटाने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी : नगर निगम पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित करने में जुटा हुआ है। इस क्रम में प्रथम चरण में शहर में अधिसूचित 26 वेंडिंग जोन में 905 वेंडर्स को स्थापित करने की योजना है, जिनका सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जा चुका है।सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में शुक्रवार को नगर आयुक्त एवं पथ विक्रय समिति के अध्यक्ष हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में हुई नगर पथ विक्रय समिति की बैठक में सर्वेक्षित 905 वेंडर्स की सूची समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई।
इस पर नगर आयुक्त ने निगम के अधिकारियों से अगले दस दिनों के भीतर प्राप्त सभी आपत्तियों का अंतिम रूप से निस्तारण कराने का निर्देश दिया, ताकि वेंडर्स को वेंडिंग जोन में व्यवस्थित कर उन्हें पथ विक्रय प्रमाण पत्र एवं पहचान पत्र वितरित किए जा सकें। साथ ही निगम के सभी जोनों में नए वेंडिंग जोन की संभावना तलाशने के लिए संबंधित जोनल अधिकारियों को चौराहों, पार्कों, फ्लाई ओवरों और पानी की टंकियों के पास स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान चार नए प्रस्तावित वेंडिंग जोन को सर्वसम्मति से मंजूरी भी प्रदान की गई। इनमें भेलूपुर जोन में सामने घाट से जजेज आवास के मध्य, वरुणापार जोन में वीडीए संगीत पथ के पास तथा दशाश्वमेध जोन में भारत सेवाश्रम संघ से सुलभ शौचालय तक बायीं तरफ अस्थायी वेंडिंग जोन शामिल हैं। बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा , अपर जिलाधिकारी (नगर), सहायक पुलिस आयुक्त, जोनल अधिकारी, शहर मिशन प्रबंधक, डूडा और नगर पथ विक्रय समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
मां शैलपुत्री के दरबार में श्रद्धालुओं के लिए नगर निगम ने झोंकी ताकत, जगमगाएंगे रास्ते
शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर काशी में उमड़ने वाले आस्था के सैलाब को सुगम और सुरक्षित सफर देने के लिए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निगम की टीमें व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है । इस क्रम में शुक्रवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मां शैलपुत्री क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया ।
देवी मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों पर जहां भी सड़कें धंसी हुई मिलीं या इंटरलॉकिंग टाइल्स टूटी पाई गईं, उन्हें आज ही रात में हर हाल में ठीक (पैचवर्क) कराने का अल्टीमेटम दिया गया है। नगर आयुक्त के के निर्देशों पर अमल करते हुए निगम की टीमें रात में ही मरम्मत कार्य पूरा करने में जुट गई है ताकि तड़के भोर से ही दर्शन के लिए कतारबद्ध होने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न झेलनी पड़े। यही नहीं श्रद्धालुओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्थलों पर शुद्ध पेयजल के टैंकर और मोबाइल टॉयलेट (सुलभ शौचालय) तैनात किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पूरे मंदिर क्षेत्र व पैदल मार्गों पर मुस्तैद सफाईकर्मियों की तैनाती कर उत्कृष्ट स्तर की सफाई सुनिश्चित की जा रही है।
नगर आयुक्त ने तय की अधिकारी-कर्मचारी की घाटों की सीढ़ियों व प्लेटफॉर्म से गाद हटाकर त्वरित निस्तारण करने जिम्मेदारी
बाढ़ का पानी कम होते ही नगर निगम ने गंगा घाटों पर सफाई की व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने गंगा घाटों पर सिल्ट (गाद) सफाई कार्य की नियमित निगरानी के लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। आदिकेशव घाट से लेकर रविदास घाट व रामघाट तक सभी 85 गंगा घाटों को अलग-अलग जोन और क्लस्टर में बांटकर पर्यवेक्षणीय व नोडल अधिकारियों को तैनात किया गया है। पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को प्रतिदिन अपने आवंटित घाट का निरीक्षण कर ‘ऑफिसर्स ग्रुप’ में जियोटैग फोटो शेयर करनी होगी।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर तीन दिनों के भीतर कार्य की प्रगति आख्या प्रस्तुत करें। सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने घाटों की सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए अपर नगर आयुक्त दुर्गेश कुमार मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, जोनल अधिकारी इन्द्र विजय, मनोज कुमार सिंह, मृत्युन्जय नारायण मिश्रा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संदीप भार्गव, जोनल स्वच्छता अधिकारी क्षितिज मिश्रा, राजीव कुमार और संयुक्त नगर आयुक्त कृष्णचंद्र को विभिन्न घाटों का प्रभार सौंपा गया है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि घाटों की सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म से गाद को पूरी तरह साफ कराया जाए। निकाली गई सिल्ट को घाटों पर जमा छोड़ने के बजाय तत्काल उठाकर तय स्थलों पर निस्तारित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
राष्ट्र की प्रगति को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे नवनिर्वाचित सदस्य: मुख्यमंत्री



