शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ा तोहफा, योगी सरकार ने बढ़ाया मानदेय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026-27 में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का 17,000 रुपये करने की घोषणा की। बालिकाओं के लिए नए कस्तूरबा विद्यालयों हेतु 580 करोड़ रुपये, स्मार्ट क्लास के लिए 300 करोड़ और कंपोजिट विद्यालयों के लिए 2,382 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शिक्षकों के परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी। साथ ही डाटा सेंटर, डिजिटल उद्यमी योजना और एआई आधारित विकास से शिक्षा, तकनीक और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को शिक्षा और डिजिटल नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा, डिजिटल इकोनॉमी, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि, स्टार्टअप और तकनीकी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए प्रदेश को ज्ञान, तकनीक और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, नए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की स्थापना, डिजिटल उद्यमी योजना और डाटा सेंटर क्लस्टर जैसे कदमों को प्रदेश के भविष्य के लिए निर्णायक बताया।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ा लाभ, मानदेय में वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए कहा कि अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये तथा अनुदेशकों का मानदेय 17,000 रुपये किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले शिक्षामित्रों को मात्र 3,000 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था और अब इसमें एक और महत्वपूर्ण वृद्धि की जा रही है। इसके साथ ही शिक्षकों और कार्मिकों के आश्रित परिवारों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बालिकाओं की शिक्षा के लिए 580 करोड़, स्कूलों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए बजट में 580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था विशेष रूप से गरीब, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।
इसके अलावा,
- स्कूल सुरक्षा ऑडिट के बाद अनुरक्षण कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये,
- सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए 2,382 करोड़ रुपये,
- प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने के लिए 300 करोड़ रुपये,
का बजट प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के डिजिटलीकरण, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और मिशन निपुण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गुणवत्ता आधारित शिक्षा सुनिश्चित कर रही है।
उच्च शिक्षा और शोध में उत्तर प्रदेश की बढ़ती पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के छह राज्य विश्वविद्यालयों को NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त हुआ है, जबकि मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या 95 से बढ़कर 158 हो गई है। प्रदेश में पेटेंट फाइलिंग की संख्या भी बढ़कर 5,677 हो गई है, जो नवाचार और शोध की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत है।
सरकार ने सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मिर्जापुर, देवीपाटन और मुरादाबाद में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए हैं। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस स्थापित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
डाटा सेंटर और एआई आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डाटा नई अर्थव्यवस्था की आधारशिला है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य का “न्यू ऑयल” बनने जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्टेट डाटा सेंटर अथॉरिटी के गठन और डाटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कोई डाटा सेंटर नहीं था, लेकिन अब कई डाटा सेंटर स्थापित हो चुके हैं और कई प्रस्तावित हैं। डाटा आधारित प्रशासन से शासन की पारदर्शिता, दक्षता और नीति निर्माण में सुधार होगा।
डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना से गांवों में डिजिटल क्रांति
मुख्यमंत्री ने डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश की 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमियों का चयन किया जाएगा, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। इन उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा।
इसके माध्यम से गांवों में डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन व्यापार और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
महिला उद्यमियों के लिए विशेष योजना, 100 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र’ योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन और बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग एक करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और यह योजना उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य के लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हर वर्ष लगभग 60 लाख सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में बनने वाले कुल स्मार्टफोन का 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी बन चुका है, जहां देश का लगभग 60 प्रतिशत उत्पादन होता है।
उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को गौतमबुद्ध नगर में सेमीकंडक्टर फैब यूनिट का शिलान्यास किया जाएगा, जिससे प्रदेश में तकनीकी निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्टार्टअप और नई तकनीकों में युवाओं के लिए बड़े अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें लगभग आधे का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। सरकार 25 लाख युवाओं को एआर, वीआर और एक्सआर जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और यू-हब की स्थापना से युवाओं को नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा डीजल आधारित ट्यूबवेल को सोलर पैनल से जोड़ने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इंसेफेलाइटिस उन्मूलन में डाटा आधारित रणनीति की सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने डाटा आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। शुद्ध पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार से इस बीमारी को समाप्त करने में सफलता मिली है।
उत्तर प्रदेश बना तकनीक, शिक्षा और नवाचार का उभरता केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य प्रदेश को शिक्षा, तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है और आने वाले समय में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
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