वाराणसी । कभी महज 2 हजार रूपये का 10 ग्राम मिलने वाला स्वर्ण आभूषण आजकल 50,000 के पार चला गया है, बावजूद इसके सोना चांदी खरीदने वाले आज भी खरीदते ही हैं। गरीब आदमी भले सोने चांदी से परहेज कर रहा ,लेकिन अभिजात्य व सामान्य वर्ग आज भी सोने चांदी का मोह नहीं त्याग पा रहा। दीपावली धनतेरस व करवा चौथ पर पर सोना चांदी खरीदने वाले रहे सावधान। आजकल बाजार में गुणवत्ता विहीन आभूषणों की भरमार है। गली गली सोने चांदी के दुकानदार यूँ ही मालामाल नहीं हो जाते बल्कि घटिया आभूषण घर घर बेचकर अरबो के मालिक बनते रहे हैं। मिलावट का स्तर इतना ज्यादा हो गया कि अब मार्केट में जीरो फीसदी चांदी वाले पायल आ गए तो सोने के आभूषण निर्माताओं ने 30 से 55 फीसदी के आभूषण बाजार में उतार दिए है। आपसे उसका दाम 100 फीसदी ही नहीं उसकी बनवाई भी वसूली जाती है। यह सब कारनामा बड़े ही शातिराने अंदाज में होता चला आ रहा। लगन के सीजन शुरू होने वाले है इस दौर में सोना चांदी के आभूषण खरीदने वाले रोज ठगे जा रहे है। 40 से 30 परसेंट वाले मिलावटी सोने के आभूषण का 100 फीसदी दाम रोज वसूला जा रहा।
ब्रांडेड आभूषण खरीदें,पक्का बिल पुर्जा अवश्य लें
खरीदना ही है तो पूरी जांच-पड़ताल करा कर सोना ,चांदी,हीरे के आभूषण खरीदें। क्योंकि दाम पहले से काफी महंगा हो गया है। मेहुल चोकसी प्रकरण तो याद ही होगा जिसने डॉलर के नकली हीरे बाजार में भेज दिए थे आज भी वह फरार है। बहुत जरूरी हो तो ब्रांडेड दुकानों से ही आभूषण खरीदें। उसका बिल पुर्जा अवश्य रखें ,ताकि बेचते समय दुकानदार कन्नी न काट ले। कुछ शातिर दुकानदार दुकानों पर कच्चा पुर्जा बनाकर सादे कागजों पर विवरण लिख कर देते है ,जिसका कोई महत्व नहीं होता ना उस पर कोई वैधानिक कार्यवाही हो सकती है। आपके मेहनत खून पसीने की कमाई यूं ही न लूट जाए इसके लिए आपको स्वयं सतर्क होना होगा।
भारतीय महिलाओं का सोने पर लट्टू होना आम बात है
भारतीय महिलाएं सोने चांदी के आभूषणों पर सदियों से इठलाती रही हैं, उन्हें इस धंधे का कुछ पता नहीं होता। अक्सर आभूषण की जिद होने पर थक हार कर लोग महिलाओं की मांग पूरी भी करते हैं। बस इसी बहाने उनके लूटने का दौर शुरू हो जाता है, आभूषण बेचकर उन्हें लूटा जाता है। इसलिए अपना पैसा सुरक्षित रखिए, सोने चांदी के आभूषणों से परहेज कीजिए। दिवाली करवा चौथ पर महिलाओं को आभूषण देने के बजाय रुपयों का उपहार दीजिए,ताकि वक्त जरूरत पर वह आपके किसी दिन काम भी आ सके। सोना चांदी ज्यों बेचने जाएंगे, उसका दाम आधे से भी कम हो जाएगा। आखिर सोने का आभूषण ही क्यों जरूरी है पूरा पैसा देकर सही सामान कैसे मिलेगा? सोचिए, मंथन करिए तब खरीदारी को निकलिए। बाजार में काग दृष्टि बकुल ध्यानम के तर्ज पर मिलावटी सोना बेचने वाले आप को ठगने के लिए तैयार बैठे हैं?



