
वाराणसी। प्रभारी जिला जज अनिल कुमार की अदालत ने अधिवक्ता पर प्राणघातक हमले के मामले में ढाका चौबेपुर निवासी पांच आरोपियों उपवन दूबे, पिता घनश्याम दूबे,चाचा महेंद्र शंकर दूबे,दो चचेरे भाई धीरज दूबे और रंजन दूबे की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
वादिनी के अधिवक्ता अनुज यादव व डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ला के अनुसार ढाका कैथी (चौबेपुर) निवासी शालिनी देवी ने चौबेपुर थाने में दर्ज कराई प्राथिमिकी में आरोप लगाया था कि पड़ोस में रहने वाले घनश्याम दूबे, महेंद्र शंकर दूबे, श्याम सुंदर दूबे, पवन दूबे,उपवन दूबे,अतीश दूबे,धीरज दूबे व रंजन दूबे पुरानी रंजिश को लेकर उसके घर पर आये और गालियां देने लगे। जब उसके परिवार वालों ने मना किया तो वह लोग उग्र हो गए और उन लोगों ने जान से मारने की नियत से लाठी-डंडे से उसके पति अधिवक्ता रामाश्रय दूबे के साथ दो पुत्रों अवनीश दूबे व ज्ञानेंद्र दूबे को मारना-पीटना शुरू कर दिया।
पति व पुत्र को बेहोशी की हालत में थाने लाया गया, जहां से बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इस मामले में चौबेपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में पांचों आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था कोर्ट ने अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया था, अब नियमित जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।



