
अनुगूंज 2025 : सेवा, प्रेरणा और संस्कृति का भव्य संगम बना रोटरी मंडलीय अधिवेशन
वाराणसी में रोटरी क्लब मंडल 3120 के 42वें मंडलीय अधिवेशन ‘अनुगूंज’ के दूसरे दिन सेवा, प्रेरणा, स्वास्थ्य और संस्कृति का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। मुख्य अतिथि पीआरआईडी ए.एस. वेंकटेश ने परिश्रम और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया। फिटनेस, सेवा-भाव, काव्य, भक्ति नृत्य और प्रेरक वक्तव्यों के साथ अधिवेशन ने रोटेरियनों को समाज के लिए और अधिक समर्पित होने का संकल्प दिलाया।
वाराणसी। रोटरी क्लब मंडल (3120) के 42वें मंडलीय अधिवेशन ‘अनुगूंज’ के दूसरे दिन शनिवार को प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि पीआरआईडीए.एस. वेंकटेश ने कहा कि सफलता के मार्ग में कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की सच्ची कुंजी हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के लिए आज हम जो भी कार्य कर पा रहे हैं, वह हमारी पूर्ववर्ती पीढ़ियों से प्राप्त अमूल्य विरासत का परिणाम है। हमारी जिम्मेदारी केवल इस विरासत को संजोकर रखने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़, व्यापक एवं प्रभावी बनाना भी हमारा दायित्व है। पीआरआईडी ए.एस. वेंकटेश ने रोटेरियनों से आह्वान किया कि वे सेवा कार्यों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ और आने वाली पीढ़ियों को पहले से कहीं अधिक सशक्त, जागरूक एवं प्रेरणादायक समाज सौंपने का संकल्प लें।
इससे पूर्व अधिवेशन के द्वितीय दिन का शुभारम्भ शनिवार को कैंटोन्मेंट स्थित होटल सूर्या में रोटरी परेड से हुआ। इसमें मंडल 3120 के 90 क्लबों से जुड़े 750 से अधिक रोटेरियन शामिल हुए। अधिवेशन के प्रथम सत्र की शुरूवात मंडल अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल एवं होस्ट क्लब रोटरी क्लब वाराणसी डाउन टाउन के अध्यक्ष सिद्धार्थ जायसवाल को उनके सचिवों द्वारा कॉलर पहनाकर तथा राष्ट्रगान के साथ की गई।
इस अवसर पर फर्स्ट लेडी डॉ. अनु अग्रवाल ने 40 वर्ष की आयु के बाद फिट और स्वस्थ रहने के विषय में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष के बाद शरीर में होने वाले शारीरिक और हार्मोनल परिवर्तनों का प्रभाव विशेष रूप से महिलाओं पर अधिक पड़ता है, इसलिए इस उम्र के बाद स्वास्थ्य के प्रति अतिरिक्त सजगता आवश्यक है। उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार, पर्याप्त नींद तथा तनाव प्रबंधन को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया।
डीएलएफ पीडीजी उत्तम अग्रवाल ने “सेवा से जीवन में परिवर्तन” को अपना मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सेवा का अर्थ केवल सहयोग करना नहीं, बल्कि किसी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि रोटरी का प्रत्येक सदस्य समाज में ईश्वरीय शक्ति के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है और रोटरी के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा, करुणा एवं मानवता की भावना के साथ समाज में स्थायी और सार्थक बदलाव लाए जा रहे हैं।
मशहूर कवि विनीत चौहान ने अपनी काव्य-प्रस्तुति में बनारसीपन, मारवाड़ की रंगत और भरपूर हास्य का प्रभावशाली संगम रचा। काशी की ठिठोली, मारवाड़ की चुटीली बातें और रोज़मर्रा के जीवन के रोचक प्रसंगों के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति पर संतुलित व्यंग्य तथा सैनिकों के शौर्य और बलिदान को समर्पित ओजस्वी पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं। हास्य और देशभक्ति से सजी उनकी कविताओं ने सभागार को देर तक ठहाकों, तालियों और जयघोष से गुंजायमान रखा।
सौरभ गौरव मिश्रा और अर्पिता अग्रहरी ने शिव स्तुति एवं राधा-कृष्ण की मधुर लीला पर आधारित भजन ‘‘बसो मेरे मन में कृष्ण छवि भाये‘‘ व ‘‘कहा जाके छिपा चितचोर, कि राधा तेरी माला जपे’’ पर नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। उनके नृत्य में भक्ति, प्रेम और समर्पण की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और आनंदमय बना दिया
रि0स्क्वाड्रन लीडर डॉ0 तूलिका रानी ने कहा कि हर सफलता का रास्ता असफलताओं से होकर ही गुजरता है। इसलिए किसी भी असफलता से घबराना नहीं चाहिए और हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए, क्योंकि ईश्वर इस समय आपकी ताकत को निखार रहा होता है, और आपकी यही मेहनत और धैर्य आपको असफलताओं से निकालकर सफलता की ओर ले जाता है। बताते चले कि डॉ0 तूलिका रानी एवरेस्ट फतह करने वाली यूपी की पहली महिला है।
अधिवेशन के दूसरे सत्र में रोटरी क्लब डिस्ट्रिक्ट (3120) की टीम, होस्ट क्लब रोटरी क्लब वाराणसी डाउनटाउन, टॉप रजिस्ट्रेशन क्लब के लिए रोटरी क्लब गोरखपुर (प्रथम) व रोटरी क्लबवाराणसी ग्रेटर (द्वितीय) तथा नवंबर दिसंबर जीएमएल मंथली एडिशन के स्टार परफॉर्मर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अनिल जाजोदिया, पियूष अग्रवाल एवं धन्यवाद ज्ञापन विष्णु खण्डेलवाल ने किया।
750 रोटेरियन, 90 क्लब और एक लक्ष्य-वाराणसी में ‘अनुगूंज’ अधिवेशन की खास कहानी
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