अखिलेश बताएं उन्होंने क्यों किया था मान्यवर कांशीराम का अपमानः असीम अरुण
लखनऊ में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला, आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए मान्यवर कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान किया था। असीम अरुण ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में कई संस्थानों और जिलों से कांशीराम जी के नाम हटाए, जिनमें लखनऊ का भाषा विश्वविद्यालय और सहारनपुर का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल हैं। वहीं, MLC डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने भी सपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश के कार्यक्रम को “नाटकबाजी” बताया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में दलितों के अधिकारों का लगातार हनन हुआ और बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े नाम मिटाए गए।
- समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का अखिलेश यादव पर तीखा हमला
- सपा का यह चरित्र पूरी तरह दलित विरोधीः डॉ लालजी प्रसाद निर्मल
- अखिलेश ने आंबेडकर, कांशीराम और संत रविदास के नामों के साथ छेड़छाड़ की
लखनऊ । योगी सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने मान्यवर कांशीराम जी के नाम पर बने जिलों, मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों से उनका नाम काटने का काम किया। लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय और सहारनपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब उनके पास गलती से मुख्यमंत्री की कलम आई थी, तब भी उन्होंने केवल अपमान करने का काम किया। मंत्री असीम अरुण ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उन्हें आज क्यों बाबा साहब और मान्यवर कांशीराम जी की याद आ रही है, जबकि उन्होंने पूर्व में उनके अपमान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता इस छल-कपट को समझ चुकी है और समाज के सशक्त निर्माण के लिए आज वास्तविक काम ही महत्व रखता है।
जब हाशिए पर आए, तब अनुसूचित वर्ग की आ रही याद
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आज मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि है और इस अवसर पर वे उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने जो सामाजिक न्याय की नींव रखी थी, उसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बहन मायावती का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने स्मारकों के रखरखाव और अच्छे कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए मोदी जी और योगी जी की तारीफ की। वहीं, उन्होंने अखिलेश यादव पर अनुसूचित वर्ग के लोगों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज जब अनुसूचित जाति और पिछड़े समाज ने आपको हाशिए पर ला दिया है तब आपको उनकी याद आ रही है। आज आपसे पूरा प्रदेश और देश सवाल कर रहा है कि आप बताएं कि आपने मान्यवर कांशीराम जी का अपमान क्यों किया था।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के हर एक कार्यकर्ता ने जमीन पर उतरकर हर वर्ग के लिए काम किया, विशेषकर अनुसूचित जाति समुदाय के लिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अखिलेश यादव की चालें और छल कपट काम नहीं आएंगे और उनका उद्देश्य राजनीतिक लाभ हासिल करना है, लेकिन बीजेपी लगातार वास्तविक मुद्दों और अनुसूचित जाति के हितों के मिशन में जुटी हुई है।
- पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
- कहा- अखिलेश यादव का दलित विरोधी चेहरा फिर खुलकर सामने आया
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला और मान्यवर कांशीराम की पुण्य तिथि पर अखिलेश के कार्यक्रम को नाटकबाजी करार दिया। डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव वही नेता हैं जिन्होंने सत्ता में आते ही आंबेडकर स्मारक को ‘अय्याशी का अड्डा’ कहा और पूरे प्रदेश के दलित समाज में उबाल पैदा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने मान्यवर कांशीराम जी के नाम पर स्थापित उर्दू, अरबी, फारसी विश्वविद्यालय से कांशीराम जी का नाम हटा दिया। इसी तरह, कानपुर देहात के रमाबाई नगर और भदोही जिले के संत रविदास से जुड़े नाम भी हटाए गए। लखनऊ के अंतरराज्यीय बस अड्डा, गोमती नगर के हरित उद्यान से भी आंबेडकर जी के नाम को हटा दिया गया।
चाहे जितनी नाक रगड़ लें, सत्ता में लौटने वाले नहीं हैं अखिलेश
डॉ. निर्मल ने आगे कहा कि सपा शासनकाल में पंवरी कांड में 9 दलित मारे गए, जबकि इटावा में दलित को ट्रैक्टर से कुचला गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा ने संसद में आरक्षण बिल फाड़ा और दलितों के हितों के खिलाफ कई निर्णय लिए। डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव और उनके साथियों ने बाबा साहब आंबेडकर, कांशीराम और संत रविदास से नफरत दिखाई। आज वे संविधान की किताबें लेकर घूमते हैं, लेकिन उनके अतीत के दलित विरोधी कामों से नजरें नहीं हटा सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा का यह चरित्र पूरी तरह दलित विरोधी है और ऐसे नेता सत्ता में लौटकर समाज के हाशिये पर रहे वर्गों के अधिकारों के खिलाफ काम करते रहे हैं। डॉ. निर्मल ने कहा कि आजम खान की गाजियाबाद में हज हाउस उद्घाटन के अवसर पर डॉक्टर आंबेडकर को भूमाफिया कहने पर भी अखिलेश यादव मौन रहे और ताली बजाते रहे। उन्होंने कहा कि आज अखिलेश, आजम खान की देहरी पर अपनी नाक रगड़ रहे हैं लेकिन वो कितना भी नाक रगड़ लें वो अब वह सत्ता में नहीं लौटने वाले।
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