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बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अजित पवार का अंतिम संस्कार

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राकंपा अध्यक्ष अजित पवार का बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में अमित शाह, नितिन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे सहित कई शीर्ष नेता शामिल हुए। विमान हादसे में निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। उनके निधन से राज्य की राजनीति में बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है।

बारामती । महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकंपा) के अध्यक्ष अजित पवार का गुरुवार को बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शोकाकुल माहौल में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच उनके बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।

अंतिम यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दिखाई दी। लोगों की आंखें नम थीं और वातावरण गमगीन रहा। अंतिम संस्कार स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान ‘अजित दादा अमर रहें’ और ‘अजित दादा वापस आओ’ जैसे भावुक नारे गूंजते रहे।

परिवार और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी

इस शोकपूर्ण अवसर पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, चाचा और वरिष्ठ नेता शरद पवार, बहन सुप्रिया सुले सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के कई शीर्ष नेता अंतिम संस्कार में शामिल हुए और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि देने वालों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर सहित कई वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और राजनीतिक हस्तियां शामिल रहीं। सभी नेताओं ने अजित पवार के राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें एक प्रभावशाली और जमीनी नेता बताया।

विमान हादसे में हुआ था निधन

गौरतलब है कि अजित पवार का बुधवार सुबह उस समय निधन हो गया था, जब उन्हें और चार अन्य लोगों को ले जा रहा विमान हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दुखद घटना से पूरे देश, विशेषकर महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।

तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर में तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी सरकारी समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य

अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उप मुख्यमंत्रियों में शामिल थे। उन्होंने विभिन्न सरकारों में कुल छह बार उप मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें एक सशक्त प्रशासक, तेज निर्णय लेने वाले नेता और जमीनी राजनीति से जुड़े जननेता के रूप में जाना जाता था।

उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही है।

योगी कैबिनेट ने दी स्व. अजित पवार को श्रद्धांजलि

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने विगत 28 जनवरी को बारामती, महाराष्ट्र में हुई विमान दुर्घटना में अजित पवार व अन्य लोगों के निधन को अत्यंत दुःखद बताया। कैबिनेट ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत पुण्यात्माओं की शांति की कामना की।

कैबिनेट ने कहा कि अजित पवार का असामयिक निधन अपूरणीय क्षति है। स्वर्गीय अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंत्रिपरिषद ने कहा कि अपने दीर्घ सार्वजनिक जीवन में उन्होंने महाराष्ट्र की जनता से गहरा जुड़ाव रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया। गरीबों एवं वंचितों को सशक्त बनाने तथा महाराष्ट्र के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी।(वार्ता)

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