जनाक्रोश में हो-हल्ला मचने के बाद प्रशासन ने होलिका दहन स्थल पर निर्माण कार्य को रोका
अधिकारियों ने तीन दिनों में जांचकर समाधान का दिया आश्वासन
दुद्धी, सोनभद्र : तहसील मुख्यालय पर स्थित परंपरागत होलिका दहन स्थल को लेकर उपजे विवाद को हो हंगामा मचने के बाद प्रशासनिक अमला अब सुलझाने में जुट गया है| इसको लेकर गुरूवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं तहसीलदार ने दोनों पक्ष के साथ बैठक कर उनकी बातो को सूना| अभिलेखी साक्ष्य देखने के बाद सरकारी कागजात की स्थिति जानने के लिए पक्षकारो से तीन दिन का मोहलत लिया|
बुधवार की शाम तहसील मुख्यालय पर विवादित स्थल को लेकर हुए हो हंगामे के बावजूद गुरूवार को विवादित स्थल पर निर्माण कार्य जारी रहने की सूचना पुलिस को मिली| इसकी भनक लगते ही मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने वहां कार्य करा रहे लोगों के साथ मजदूरों को उठा लाये| इस बीच तहसील मुख्यालय पर अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में जुटे आक्रोशित गुट के लोगों ने समूचे घटनाक्रम में लापरवाही का ठीकरा तहसील प्रशासन पर फोड़ते हुए प्रकरण में उनकी भूमिका को संदिग्ध बताया| प्रकरण को लेकर लोगों का हुजूम कोतवाली पहुंचा| तब तक कोतवाली में पुलिस क्षेत्राधिकारी रामआशीष यादव एवं तहसीलदार सुरेश चन्द्र शुक्ला भी पहुंच गये| प्रशासनिक अधिकारीयों ने दोनों पक्षो से क्रमवार प्रकरण की जानकारी लेनी शुरू किया| इस बाबत अधिवक्ता राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सैकड़ो साल से उक्त स्थल पर होलिका दहन किया जाता रहा है|
दस दिन पूर्व अचानक उस स्थल पर कई लोगों द्वारा कब्जा करने की नियत से निर्माण कार्य शुरू कराया गया है| जिसकी जानकारी तत्काल प्रशासनिक अधिकारीयों को दिया गया,इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य चलता रहा| जय बजरंग अखाड़ा समिति के प्रभारी अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रहरि एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि मामले को सामाजिक स्तर से सुलझाने की लगभग हर कोशिश विफल हो गई| वही दुसरे पक्ष के रविन्द्र जायसवाल ने अभिलेखीय साक्ष्य दिखाते हुए कहा कि वह भूमि उनके नाम से वर्षो पूर्व बैनामा के जरिये क्रय किया गया है| जबकि अशोक अग्रहरि एवं श्याम सुंदर का कहना था कि हमारे पास रहने के लिए कोई घर नही है| परिवार के सदस्य बढने के कारण वे अपनी पुश्तैनी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना का घर बनवा रहे थे|
प्रशासनिक अधिकारीयों ने सभी पक्षकारो की बात सुनने के बाद सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि की वास्तविक स्थिति एवं होलिका दहन आदि बिन्दुओं की जानकारी लेने के लिए दोनों पक्ष से तीन दिन का समय मांगा| इसके साथ ही कोतवाल पंकज सिंह ने सभी पक्षकारो से अपील किया कि वे नगर में कानून व्यवस्था बनाये रखे| वही निर्माण कार्य कराने वालों को प्रशासनिक अधिकारीयों ने चेताया कि जब तक जांच आख्या एवं सक्षम अधिकारी का निर्देश नही मिलेगा,तब तक मौके पर कोई निर्माण कार्य नही होना चाहिए| यदि सूचना मिली,तो संबंधित के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी|



