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बीमार व्यक्ति ने इलाज के लिए राशनकार्ड रखी गिरवी,इंसानियत हुई शर्मसार

बभनी,सोनभद्र – गरीबी और बीमारी किस हद तक इंसान को लाचार बना देती है।इसका जीता जागता उदाहरण जनपद के अति पिछड़े क्षेत्र बभनी में देखने को मिली। जहाँ एक गरीब को अपनी इलाज के लिए अपने मुंह के अंतिम निवाले को भी गिरवी रखनी पड़ी। जी हां मामला बभनी विकास खंड के ग्राम पंचायत चैनपुर का है।मजदूर ग्रामीण उमेश कुमार पुत्र स्व. जंगबहादुर 45 वर्ष किडनी खराब होने के कारण काफी दिनों से बीमारी से जूझ रहा है। मजदूरी कर अपने परिवार की जीविकोपार्जन करने वाले इस व्यक्ति ने अपना सबकुछ लुटाने के बाद सरकार द्वारा हर गरीब के पेट की आग बुझाने के लिए दो जुन की रोटी मुहैया कराने वाला एकमात्र सहारा राशनकार्ड को भी गिरवी रखना पड़ा। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। लेकिन गरीबी और मजबूरी का मोल लगाने वालों को इसका तनिक भी मलाल नही।

उमेश ने प्रारंभ में अपना इलाज स्थानीय स्तर पर कराया।जहां पैसा व समय बर्बाद होता गया और बीमारी बढ़ती गयी। बीमारी चार्म पर पहुंचा तो ईलाज बीएचयू वाराणसी से कराया जाने लगा उसकी पत्नी गीता देवी ने बताया कि पैसे के अभाव में उसने जिसकी थोड़ी बहुत जमीन थी व पेंड़ भी गांव के ही व्यक्ति के पास गिरवी रख दिए। अंत में लाकडाऊन से महीनों पूर्व उसने गांव के ही एक व्यक्ति के पास 2500 रुपए में अपना राशन कार्ड भी गिरवी रख दिया। गांव के ऐसे संभ्रांत लोगों ने ऐसा दरियादिली दिखाई कि उसके अंतिम आसरे को भी सहारा न देकर चंद पैसों के लालच में गिरवी रख लिया।उसके दो बच्चे हैं एक 12 वर्ष का लड़का है और दूसरी 8 वर्ष की लड़की।

लाकडाऊन होने के कारण वह दवा ईलाज कराने में असमर्थ रही ,ऐसी दशा में उसने अपने मायके वालों का सहारा लेती रही। उसके मायके वालों की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण केवल अपने दो वक्त की रोटी के इंतजाम ही कर पाते हैं। पीड़ित की पत्नी गीता ने बताया कि लाकडाऊन में पहले से रखे पांच बोड़ी धान को भी गांव के साहूकारों के पास बेंच दिया और हर महीने गांव के ही व्यक्ति के पास गिरवी रखे राशन कार्ड पर अंगूठा लगाने जाती है। जिसका राशन वही साहूकार लेता है ,जब पांच दिन पहले बीएचयू में चेक कराने गई तो डाक्टर ने कहा कि अब ले जाओ या तो इसकी डायलिसिस कराओ या फिर इसकी अंतिम इच्छा पूरी करो।उसका आयुष्मान भारत योजना का कार्ड रेनुअल नहीं हो सका है। जिससे उसका और उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पीड़िता ने क्षेत्रीय विधायक व जिलाधिकारी से अपने पति के ईलाज में सहयोग की अपील की है।जब इस संबंध में गांव के कोटेदार शिवचंद से जानकारी ली गई तो उसने बताया कि वो महिला आती है और अंगूठा लगाकर चली जाती है उसका राशन कौन लेता है इसकी जानकारी हमें नहीं है और ऐसी विपत्ति की घड़ी में हम अपनी ओर से सहयोग करेंगे। मामले की जानकारी मिलने पर बनवासी कल्याण आश्रम के सह संगठन मंत्री आनंदजी ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।इस मामले को भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सुधीर पांडेय ने गंभीरता से लेते हुए कहा कि सहयोग के लिए हम पुरजोर सहयोग करेंगें।

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