
केन्द्र सरकार की ओर से पहला इंडिया ‘टॉय फेयर’ में 27 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। इस टॉय फेयर में हिस्सा लेने के लिए कई खिलौना निर्माताओं ने रुचि दिखाई है और चार दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अब तक 8 लाख से भी अधिक लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इस वर्चुअल मेले में 1200 से ज्यादा एग्जीबिटर्स से लोग खिलौना खरीद भी सकते हैं । इसके लिए www.theindiatoyfair.in पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस मेले में खिलौना उद्योग से संबंधित सभी हितधारक, जिनमें खिलौना निर्यातक, निर्माता, छात्र, अभिभावक,शिक्षक, प्रशासन सभी एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं। यह मेला वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
इस मेले का उद्देश्य खिलौना उद्योग के समग्र विकास के लिए संवाद को बढ़ावा देना और दुनिया के सामने भारत की खिलौना निर्माण क्षमता को प्रदर्शित करना है। मुंबई से खिलौना मेले में भाग ले रहे प्रतिभागियों ने इस नई पहल का स्वागत किया है। मेले में भाग ले रहे लवली खिलौने के सह-संस्थापक प्रफुल्ल पनगांवकर ने केन्द्र सरकार की इस पहल की सराहना की है और सभी से इस प्रदर्शनी में भाग लेने की अपील की है। पनगांवकर ने कहा कि भारतीय खिलौना उद्योग इस समय ऊंची कर दरें, कच्चे माल की अनुपलब्धता और चीन से आने वाले सस्ते खिलौने जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है।
वहीं हैदराबाद स्थित सॉफ्ट टॉय के मालिक समीर के जैन ने खिलौना मेले में हिस्सा लेने के लिए अपना नाम रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बारे में उन्होंने बताया कि इस मेले के आयोजन से पीएम मोदी के वोकल फॉर लोकल के मंत्र पर चलते हुए खिलौना उद्योग को विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार द्वारा की जा रही पहल से खिलौना निर्माताओं को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिल रही है।



