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दुनियाभर में प्रति लाख आबादी पर 4.1 मौत हो रही है और भारत में यह आंकड़ा प्रति लाख आबादी पर 0.2

अब तक, 24 लाख से अधिक नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है

नई दिल्ली । पिछले 24 घंटों के दौरान, उपचार से कुल 2,350 कोविड-19 रोगी ठीक हो चुके हैं। इसके साथ ही ठीक हो चुके रोगियों की कुल संख्‍या 39,174 हो गई है। रोगियों के ठीक होने की दर  38.73 प्रतिशत हो चुकी है। रोगियो के ठीक होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है। भारत में वर्तमान में कोविड-19 के 58,802 सक्रिय मामले हैं। ये सभी सघन चिकित्सा देख रेख में हैं। सक्रिय मामलों से जुड़े केवल लगभग 2.9 प्रतिशत मरीज आईसीयू में हैं।

प्रति लाख आबादी पर मृत्यु दर के मामले में, भारत का आंकड़ा अभी तक प्रति लाख आबादी पर 0.2 मौतों का है जबकि पूरी दुनिया में प्रति लाख आबादी पर मौत की दर 4.1 है।  डब्ल्यूएचओ की स्थिति रिपोर्ट -119 में ऐसे देशों की सू‍ची दी गई है जहां प्रति लाख जनसंख्या पर सबसे ज्‍यादा मौतें हो रही हैं।

देश में कल रिकॉर्ड संख्या में 1,08,233 नमूनों का परीक्षण किया गया। अब तक कुल 24,25,742 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। जनवरी में देश में कोविड-19 की जांच के लिए जहां महज एक प्रयोगशाला थी वहीं अब इसमें  385 से अधिक सरकारी प्रयोगशालाओं और 158 निजी प्रयोगशालाओं को जोड़कर परीक्षण क्षमता में बहुत वृद्धि की जा चुकी है। सभी केंद्रीय सरकारी प्रयोगशालाओं, राज्य के मेडिकल कॉलेजों, निजी मेडिकल कॉलेजों और निजी क्षेत्र के साथ विधिवत भागीदारी के माध्‍यम से देश में परीक्षण क्षमता का विस्तार किया गया है। ट्रू नेट और सीबीएनएएटी  जैसी अन्य परीक्षण मशीनों को भी  परीक्षण के काम में तेजी लाने के लिए इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

एम्स जैसे 14 प्रमुख चिकित्‍सा संस्थानों के माध्यम से, देश भर में प्रयोगशालाओं का संचालन पर्याप्त जैव सुरक्षा मानकों और उनकी मान्यता सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। प्रयोगशालाओं में परीक्षण सामग्री की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए  भारतीय  डाक और निजी एजेंसियों की सेवाएं ली जा रही हैं और ऐसी सामग्रियों के वितरण के लिए 15 डिपो बनाए गए हैं। कई भारतीय कंपनियों को ऐसी परीक्षण सामग्री का उत्पादन करने में मदद दी  जा रही है जिनका पहले विदेशों से आयात किया जाता था।  इससे देश भर में परीक्षण सामग्री की आबाध आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिली है।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के परीक्षण के संबंध में  संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। पहले निर्धारित किए जा चुके मानदंडों के अलावा, इसमें कोविड-19  के प्रभावी नियंत्रण और शमन के लिए अग्रिम मोर्चे पर तैना स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों, सभी अस्पताल में भर्ती मरीजों जिनमें आईएलआई  लक्षण विकसित होते हैं और  बीमारी के 7 दिनों के भीतर खास लक्षण दिखाई पड़ने वाले  मरीजों और प्रवासियों के लिए भी जांच की सुविधा का विस्‍तार किया गया है।

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